पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश से जहां भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं, मैदानी राज्यों पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत कई राज्यों में भी बारिश के कारण आई बाढ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इस बीच, मौसम विभाग ने लगातार हो रही बारिश और आने वाले दिनों में मौसम को लेकर भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने बताया कि पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत सात राज्यों में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश जारी रहने के आसार है।
बारिश का आनंद लेती युवती।
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उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त में 265 मिमी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा अपडेट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त में 265 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 2001 के बाद से इस महीने के लिए सबसे अधिक और 1901 के बाद से 13वीं सबसे अधिक बारिश है।
तेज बारिश ने सड़कों को तालाब बना दिया
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जून-जुलाई में हुई इतनी बारिश
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अब तक मानसून के तीनों महीनों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। जून में 111 मिमी वर्षा हुई जो सामान्य से 42 प्रतिशत अधिक थी, जबकि जुलाई में 237.4 मिमी वर्षा हुई जो सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक थी।
बारिश।
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अगस्त में हुई 265 मिमी बारिश, सामान्य से 34.5 प्रतिशत ज्यादा
अपने ताजा बुलेटिन में आईएमडी ने अगस्त में बारिश को लेकर बताया कि यह सामान्यतया 197.1 मिमी की तुलना में 265 मिमी हुई। जो 34.5 प्रतिशत अधिक है। इस तरह उत्तर-पश्चिम भारत में 1 जून से 31 अगस्त के बीच 614.2 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य 484.9 मिमी से लगभग 27 प्रतिशत अधिक है।
भारी बारिश
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दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में बारिश की ऐसी रही चाल
आईएमडी ने बताया कि इस बार सक्रिय मानसून के साथ बार-बार पश्चिमी विक्षोभ ने भी क्षेत्र में वर्षा को बढ़ावा दिया। वहीं आगे आईएमडी ने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में 250.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 31 प्रतिशत अधिक है। विभाग के मुताबिक इस क्षेत्र में 2001 के बाद से इस महीने में तीसरी सबसे अधिक और 1901 के बाद से आठवीं बार सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां जून-अगस्त के दौरान कुल 607.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (556.2 मिमी) से 9.3 प्रतिशत ज्यादा है।
पूरे देश में हुई अगस्त में हुई 268.1 मिमी बारिश
पूरे देश में अगस्त माह में औसतन 268.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक है। वहीं, जून से अगस्त तक कुल 743.1 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।
कई राज्यों ने झेला प्रकृति का कहर
अत्यधिक वर्षा के कारण कई जगहों पर आपदाजनक हालात बने। जिसके चलते पंजाब में दशकों बाद सबसे भीषण बाढ़ आई, नदियां और नहरें उफान पर रहीं, जिससे हजारों हेक्टेयर खेत डूब गए और लाखों लोग विस्थापित हुए। वहीं, हिमालयी राज्यों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से भूस्खलन की घटनाएं हुईं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई पुल और सड़कें बह गईं, जबकि जम्मू-कश्मीर में बार-बार बादल फटने और भूस्खलन हुए।
सितंबर में भी होगी सामान्य से अधिक बारिश- आईएमडी
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सितंबर को लेकर भी पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने कहा कि कल से शुरू हो रहे सितंबर में देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संकेत मिले है कि इस साल मानसून सीजन का समापन भारी बारिश और आपदाओं के साथ हो सकता है।
सितंबर के लिए जारी किया पूर्वानुमान
आईएमडी के अनुसार, सितंबर महीने में औसत वर्षा दीर्घकालिक औसत (167.9 मिमी) के 109 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है। विभाग का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होगी, लेकिन पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों के कुछ हिस्सों, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के सुदूर क्षेत्रों तथा उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड के लिए खास तौर पर किया अलर्ट
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने चेतावनी दी कि सितंबर में उत्तराखंड में भारी बारिश से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा, दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में भी सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से कई नदियां निकलती हैं। ऐसे में अगर वहां भारी बारिश होती है तो नदियां उफान पर होंगी और इसका असर निचले इलाकों के शहरों और कस्बों पर पड़ेगा। इसलिए हमें इसके लिए सतर्क रहना चाहिए। वहीं, महापात्रा ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में महानदी नदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना है, जिससे वहां बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
बादल फटने के बाद चेन्नई में भारी बारिश, उड़ानें बंगलूरू डायवर्ट
तमिलनाडु की राजधानी के मनाली इलाके में शनिवार रात बादल फटने के बाद चेन्नई में रात भर तेज बारिश होती रही। इसके कारण शहर में जगह-जगह पानी भर गया। भारी बारिश के कारण बंगलूरू, दिल्ली, फ्रांस और मंगलूरू से चेन्नई आने वाली उड़ानों को बंगलूरू की ओर मोड़ दिया गया। हालांकि, चेन्नई में रविवार दोपहर में मौसम साफ होने के बाद, यात्रियों को विभिन्न उड़ानों से फिर चेन्नई भेजा गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया, शनिवार सुबह से लेकर रविवार सुबह 8.30 बजे के 24 घंटों के दौरान तीन अत्यधिक भारी, 8 बहुत भारी और 28 भारी बारिश की घटनाएं दर्ज की गईं। मनाली, न्यू मनाली टाउन और विमको नगर में क्रमशः 27 सेमी, 26 सेमी और 23 सेमी की अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। मनाली क्षेत्र और जोन 2 के आसपास बादल फट गए। मनाली (डिवीजन 19) में शनिवार रात 10-11 बजे के दौरान 106.2 मिमी बारिश और शनिवार रात 11 बजे से 12 बजे के बीच 126.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।