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मौसम की मार: 122 साल में सबसे गर्म रहा मार्च, 1908 के बाद सबसे कम बारिश हई

Sat, 02 Apr 2022 07:51 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मौसम विभाग के मुताबिक लू चलने का सिलसिला अगले दो चार दिनों में और बढ़ेगा। जम्मू, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश ओर मध्य प्रदेश इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
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मौसम अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मार्च में मई जैसी गर्मी से इस बार उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा रूबरू हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक 122 सालों में मार्च इस बार सबसे गरम रहा, वहीं 1908 के बाद सबसे कम बारिश मार्च में दर्ज हुई। मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के अभाव में उत्तर भारत में इस दौरान असामान्य रूप से पारा तपा और कम बारिश हुई। दक्षिण भारत का मौसम तंत्र भी इस कारण प्रभावित हुआ। पूरे देश में इस बार मार्च का औसत अधिकतम तापमान 33.10 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो पिछले 122 साल में सर्वाधिक था। 

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इससे पहले मार्च 2010 में देश का मार्च में अधिकतम तापमान 33.09 दर्ज हुआ था। यही नहीं 20.24 डिग्री सेल्सियस के साथ इस बार मार्च का औसत न्यूनतम तापमान भी 122 वर्षों में तीसरा सबसे अधिक रहा। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो मार्च का औसत अधिकतम तापमान 30.73 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि 122 सालों का सर्वाधिक था। पूरे देश में मार्च में 8.9 एमएम बारिश दर्ज की गई जो औसत से 71 फीसदी कम थी। 1901 के बाद यह तीसरी सबसे कम बारिश थी। 1909 में 7.2 और 1908 में 8.7 एमएम बारिश दर्ज हुई थी।  

दो चार दिनों में बढ़ेगी लू 
मौसम विभाग के मुताबिक लू चलने का सिलसिला अगले दो चार दिनों में और बढ़ेगा। जम्मू, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश ओर मध्य प्रदेश इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 

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