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देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की चेतावनी

Mon, 17 Aug 2020 11:18 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, नई दिल्ली
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बाढ़ - फोटो : PTI
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देश के उत्तरी भाग में हो रही बारिश के चलते गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इससे सोमवार को बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। वहीं, देश के कई हिस्सों में हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में जलाशयों में डूबने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई।

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केंद्रीय जल आयोग की दैनिक बाढ़ की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में उसके 15 केंद्र, असम में छह, उत्तर प्रदेश में चार, तेलंगाना में दो और आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में स्थित एक-एक केंद्रों ने बाढ़ की गंभीर स्थिति दर्ज की है।


मौसम विभाग ने जताई बारिश की आशंका
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान में कहा गया है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र सहित उत्तर-पश्चिम भारत में 20 अगस्त तक और अधिक भारी बारिश होने की आशंका है, लेकिन उसके बाद यह कम हो सकती हैं। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी राजस्थान में मंगलवार और बुधवार को और उत्तराखंड में मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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आईएमडी ने कहा, अगले 4-5 दिनों के दौरान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक बांध से पानी छोड़े जाने के बीच 12 घंटे से अधिक समय तक पेड़ पर फंसे रहने वाले 43 वर्षीय एक व्यक्ति को बचाने के लिए अपने एमआई-17 हेलीकॉप्टर को लगाया।

दिल्ली में कुछ दिनों तक होती रहेगी बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को बारिश हुई, जिससे उमस भरे मौसम में लोगों को राहत मिली, जबकि मौसम विभाग ने महानगर में अगले कुछ दिनों तक बारिश होते रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मानसून एक बार फिर उत्तर की ओर आ गया है और अगले तीन दिन राष्ट्रीय राजधानी के करीब रहेगा। उन्होंने कहा, गुरुवार तक मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। इस बीच एक-दो बार भारी बारिश होने की भी संभावना है। 

केंद्रीय जल आयोग ने भूस्खलन की चेतावनी दी

केंद्रीय जल आयोग ने विभिन्न राज्यों को बाढ़ तथा उत्तर के कुछ पर्वतीय जिलों में अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की आशंका को लेकर परामर्श जारी किया है। इस परामर्श में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश की विभिन्न नदियों में जल स्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसमें कहा गया है कि इन राज्यों के कुछ पर्वतीय जिलों में बादल फटने की घटना हो सकती हैं। इसमें राज्यों से संभावित भूस्खलन की स्थिति के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

बिहार में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, अब तक 25 लोगों की मौत

बिहार में बाढ़ ने 16 जिलों में 81.56 लाख लोगों को प्रभावित किया है। राज्य में अब तक बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 25 लोगों की मौत हुई है। राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, बक्सर, मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव और पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर सोमवार को और बढ़ गया।

पटना के गांधी घाट पर नदी का जल स्तर 48.62 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर है। बुलेटिन में कहा गया कि बागमती, बरही गंडक, पुनपुन, खिरोई और घाघरा सहित कई अन्य नदियां राज्य के विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य में बाढ़ के कारण 81,56,127 लोग प्रभावित हैं। कोविड-19 के खतरे के कारण अधिकारियों के लिए बाढ़ राहत कार्यों का प्रबंधन एक कठिन कार्य बन गया है।

उत्तर प्रदेश में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

उत्तर प्रदेश में 15 जिलों के 788 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि आंबेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, गोण्डा, गोरखपुर, खीरी, कुशीनगर, मऊ, संत कबीरनगर और सीतापुर जिले बाढ़ प्रभावित हैं।

उन्होंने बताया कि शारदा और सरयू-घाघरा नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गई हैं। पलियां कला (लखीमपुर खीरी) में शारदा तथा एल्गिन ब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में सरयू-घाघरा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही हैं।

सीएम योगी का आदेश- राहत शिविरों में हो सामाजिक दूरी का पालन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत शिविरों में सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को बुखार, सर्दी-जुकाम और सिर दर्द है और जरूरत है तो उसकी जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री ने भूमि क्षरण या किसी तरह की क्षति का पता लगाने के लिए तटबंधों पर नियमित गश्त का निर्देश दिया।

बाढ़ प्रभावित जगहों पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात की गई हैं। कुल 1046 नौकाओं की तैनाती की गई है और 741 बाढ चौकियां भी बनायी गई हैं।
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ओडिशा में बने बाढ़ जैसे हालात

ओडिशा में भी कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र बनने के कारण और अधिक बारिश होने की आशंका है। इस महीने अब तक राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में 13 अगस्त से हो रही भारी बारिश ने कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है, सड़क संपर्क टूट गया है, कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा है और दो लोगों की मौत हो गई। पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण तेलंगाना के विभिन्न हिस्से में जन जीवन प्रभावित हुआ है और निचले क्षेत्रों में जलजमाव हो गया है।
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