मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को चेतावनी जारी की कि अगले दो दिनों में गुजरात के कोंकण और कच्छ क्षेत्र में हीटवेव की संभावना है। आईएमडी वैज्ञानिक डॉ. नरेश ने कहा कि एक पश्चिमी विक्षोभ आज से पश्चिमी हिमालयी इलाके को प्रभावित करने की संभावना है। यह आज पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में मौसम को प्रभावित करेगा और कल से हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड को प्रभावित करना शुरू कर देगा। मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि उत्तरी पंजाब के पठानकोट इलाके में दो से तीन दिनों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
डॉ. नरेश ने बताया कि देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम से अधिकतम तापमान पहले से ही सामान्य से ऊपर है। उन्होंने कहा, अगर आप उत्तर पश्चिम भारत में तापमान वृद्धि के बारे में बात करते हैं, तो यह आमतौर पर वहां तब होता है, जब शुष्क मौसम होता है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि हमने पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी तट या गुजरात क्षेत्र में तापमान 37 और 39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने के बारे में बयान जारी किए हैंष इसलिए तटीय इलाके में गर्म हवाएं चल सकती हैं।
उन्होंने बताया कि शिमला में सबसे अधिक न्यूनतम और अधिकतम तापमान आज भी जारी रहेगा, लेकिन विक्षोभ के प्रभाव में तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद है। यह पूछे जाने पर कि शिमला में मौसम जलवायु परिवर्तन का परिणाम है, उन्होंने कहा कि आमतौर पर यह एक असामान्य तापमान होता है, लेकिन जब भी शुष्क मौसम होता है, तो हम तापमान के सामान्य से ऊपर जाने की उम्मीद कर सकते हैं। डॉ. नरेश ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के बारे में कुछ भी कहने के लिए दीर्घकालिक डाटा की जरूरत होगी। हम इसे जलवायु परिवर्तन तभी कह सकते हैं, जब ऐसी स्थितियों लंबे समय तक बनी रहें।
मौसम वैज्ञानिक ने देश के दक्षिणी हिस्से में कोहरे को लेकर कहा कि इस क्षेत्र में घना कोहरा नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, जो कोहरा हम यहां देख रहे हैं, वह घना कोहरा नहीं है। यह हल्का कोहरा है और दृश्यता काफी ज्यादा है, जो नमी होने पर बनी रहती है। उन्होंने आगे कहा, उत्तर पश्चिम भारत में एक या दो स्टेशनों में सुबह के समय घना कोहरा पड़ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां का तापमान दस डिग्री से ज्यादा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले चौबीस घंटों के लिए पंजाब और हरियाणा में चेतावनी जारी की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान पहले से ही दस डिग्री से ऊपर है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते इसमें एक डिग्री की गिरावट हो सकती है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में मौसम में कोई खासक बदलाव नहीं हो सकता है।