उत्तर भारत में मंगलवार को ऊंचे पहाड़ों पर जमकर हिमपात हुआ तो मैदानी भागों में लगातार बारिश दर्ज की गई। भारी बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और मुगल रोड पर आवाजाही बंद रहने से कश्मीर घाटी का संपर्क लगातार तीसरे दिन देश के अन्य हिस्सों से कटा रहा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 4500 गाड़ियां विभिन्न स्थानों पर फंस गई हैं, जिनमें अधिकतर आवश्यक सामान ला रहे ट्रक हैं। हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने से पर्यटक विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं, जबकि उत्तराखंड के डीडीहाट इलाके में तापमान नीचे गिरने से नलों में पानी जम गया और मुनस्यारी-धारचूला आदि में जमकर बर्फबारी दर्ज की गई है।
दिल्ली में भी लगातार तीसरे दिन बारिश जारी रही, लेकिन न्यूनतम तापमान में उछाल दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब छह अंक ज्यादा है। मौसम विभाग ने इसके लिए बादलों के छाए रहने से गर्म गैसीय हवाओं की मौजूदगी राजधानी के वातावरण में ही बने रहने को कारण माना है। अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री रहा। सफदरजंग वेधशाला ने राजधानी में शाम 5.30 बजे तक 1.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की थी।
पंजाब और हरियाणा में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने के बावजूद शीतलहर का प्रकोप जारी रहा, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली कड़कने व तूफानी हवाओं के बीच अच्छी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश देखने को मिली। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई व उसके आसपास भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जल भराव हो गया है। इसके चलते पूरे शहर में भारी ट्रैफिक जाम के हालात बने रहे।
धारचूला के कुटी गांव में चार फुट बर्फबारी
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ क्षेत्र के डीडीहाट और नारायणनगर के कई क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड के कारण पानी के नल पूरी तरह जम गए हैं। धारचूला के कुटी गांव में चार फुट और गुंजी मनीला में 20 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। लिपुलेख सड़क से बर्फ हटाने का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग जिलों के ऊंचे इलाकों में भी सोमवार देर रात से शुरू हुई बर्फबारी मंगलवार को भी जारी रही।
नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा में शाम के वक्त हुई बारिश ने ठंड का असर बेहद तेज कर दिया है, लेकिन किसानों के चेहरे खिल गए हैं। कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों पर बर्फ की मोटी परत बिछ गई है। हर्षिल घाटी और मोरी व बडकोट इलाकों में भी बर्फबारी जमकर हुई है। देहरादून समेत राज्य के समूचे मैदानी इलाकों में भयानक शीतलहर चल रही है।
श्रीनगर एयरपोर्ट के रनवे पर बर्फ जमी, उड़ानें रद्द, परीक्षाएं भी टलीं
कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में भारी बर्फबारी से जनजीवन पटरी से उतर गया है, जबकि जम्मू व अन्य मैदानी इलाकों में भारी बारिश से ठंड का कहर बढ़ गया है। श्रीनगर जाने वाली सभी उड़ानें लगातार दूसरे दिन रद्द रहीं। रनवे पर बर्फ जमने से फिसलन हो गई है। घाटी के आधे इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण बिजली गुल है। रामबन-बनिहाल के बीच कई हिस्सों में लगातार हो रहे भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है।
प्रदेश के अन्य कई जिलों में दर्जनों संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। जवाहर सुरंग से बर्फ हटाने में विशेषज्ञों ने कई दिन का समय लगने का अनुमान जताया है। जिला राजोरी और पुंछ को जोड़ने वाला मुगल रोड (कश्मीर) पहले से ही बंद है। पुंछ में बारिश के बीच एक कार पर पेड़ गिरने से तीन लोग घायल हो गए। श्रीनगर के अंदर ही कई हिस्सों में 1-2 फुट बर्फ गिरने के कारण यातायात बंद हो गया है, जबकि शहर के आधे इलाकों में बिजली सप्लाई भी ठप हो गई है। खराब मौसम को देखते हुए कश्मीर संभाग में 6 जनवरी को होने वाली 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।