भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि सोमवार से पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 29 मार्च से एक अप्रैल तक 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा बादल गरजने के साथ ही आसमान में बिजली भी चमकेगी। आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया है कि मौसम में आए इस बदलाव से दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में कुछ स्थानों पर निचले इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ भी आ सकती है।
मौसम विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘बंगाल की खाड़ी से दक्षिण की ओर निचले स्तर की तेज हवाओं के चलते उत्तर पूर्व भारत में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। भविष्यवाणियों के अनुसार, 30 मार्च और 31 मार्च के बीच बारिश अपने चरम पर होगी।’ आईएमडी ने पहले ही असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा पर नारंगी अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी पीला अलर्ट जारी किया गया है। पीले स्तर की सलाह निवासियों को उनके स्थानीय मौसम की स्थिति के बारे में जागरूक होने का आग्रह करती है। साथ ही आईएमडी के सलाहकार ने निवासियों से कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का आग्रह भी किया है।
मौसम विभाग ने इस दौरान आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी दी है। तेज हवाओं की अधिकतम गतिविधि 30 और 31 मार्च को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम में होने की उम्मीद है।
भूस्खलन और बाढ़ की भविष्यवाणी की
आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि तेज हवाएं वृक्षारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। साथ ही कहा है कि खराब मौसम के चलते खुले स्थानों पर लोगों और मवेशियों के घायल होने की भी संभावना है। बयान में कहा गया है कि भारी बारिश से स्थानीय भूस्खलन, बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव, भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी व यातायात में व्यवधान हो सकता है। वहीं, कच्ची सड़कों और कमजोर संरचनाओं और इमारतों को कुछ मामूली नुकसान की भी उम्मीद है।
आईएमडी ने लोगों को घर के अंदर रहने और अगर संभव हो तो यात्रा से बचने और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी है। यह भी सुझाव दिया कि खेती के कार्यों को निलंबित कर दिया जाना चाहिए और खराब मौसम के दौरान कमजोर इमारतों में रहने से बचना चाहिए।