विदेश में एक लाख रुपये तक व्यक्तिगत उपहार हासिल करने वाले व्यक्तियों को अब इसकी जानकारी सरकार को देनी नहीं होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को यह बात कही। इस संदर्भ में उसने विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून 2011 में संशोधन किया है। अभी तक यह नियम 25000 रुपये के तोहफे तक के लिए ही था।
संशोधित नियमों के मुताबिक, विदेश प्रवास के दौरान आपात परिस्थितियों में चिकित्सा मदद की जरूरत पड़ने के मामले में विदेशी आतिथ्य को स्वीकार करने की जानकारी सरकार को एक महीने के अंदर देनी होगी।
साथ ही स्रोत, भारतीय रुपये में अनुमानित मूल्य और किस मकसद और किस ढंग से इसका इस्तेमाल किया गया, इसका सूचना में पूर्ण विवरण होना चाहिए। इससे पहले दो महीने के अंदर इसकी सूचना देने का नियम था।
साथ ही यदि आपातकालीन चिकित्सा मदद के लिए ली गई आतिथ्य का मूल्य एक लाख रुपये तक है तो इसकी जानकारी देने की जरूरत नहीं है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार को जारी अधिसूचना में एफसीआरए नियमों में कुछ और प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है।