संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी मसूद अजहर को चौथी बार वीटो का इस्तेमाल कर बचाने वाले चीन का रविवार को बयान आया है। भारत में चीन के राजदूत लुओ जाओहुई ने इस मामले में भारत की चिंताओं पर भी जोर दिया है।
उन्होंने कहा, "मसूद अजहर के बारे में हम सब समझते हैं और हम इस मामले पर पूरी तरह से विश्वास करते हैं। हम भारत की चिंताओं को समझते हैं और आशावादी हैं कि इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।"
राजदूत ने दिल्ली में चीनी दूतावास में होली समारोह के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा कि ये मामला (यूएनएससी 1267 सूची में मसूद अजहर) जल्द की सुलझ जाएगा। यह केवल तकनीकी होल्ड है, जिसका मतलब है कि इसपर लगातार परामर्श करने के लिए समय है। यह हल हो जाएगा मुझपर विश्वास कीजिए।
लुओ ने आगे कहा कि बीते साल हुए वुहान सम्मेलन के बाद दोनों ओर से सहयोग सही ट्रैक और फास्ट ट्रैक पर है। हम इस सहयोग से संतुष्ट हैं, भविष्य को लेकर आशावादी हैं।
बता दें बुधवार को चीन ने चौथी बार भारत की कोशिश को नाकाम करते हुए आतंकी मसूद अजहर को बचाया है। चीन के इस कदम को भारत ने निराशाजनक बताया। भारत के पास अजहर के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और उसे उम्मीद भी थी कि अजहर वैश्विक आतंकी घोषित हो जाएगा। लेकिन चीन अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान का साथ देने के लिए आतंक का साथ देने से भी नहीं कतराया।
सूत्रों के मुताबिक चीन को पाकिस्तान के साथ कई मुद्दे सुलझाने हैं क्योंकि वो जानता है कि पाकिस्तान की धरती पर कई आतंकी संगठन काम कर रहे हैं और जो चीनी हितों के भी खिलाफ है।