प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शांति के लिए एशियाई बौद्ध सम्मेलन (एबीसीपी) की 12वीं महासभा में पूरे एशिया से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए बौद्ध धर्म के साथ भारत के समृद्ध संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का गर्व है कि हम उस देश के रहने वाले हैं जिसने दुनिया को बुद्ध दिया, युद्ध नहीं। भारत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दुनियाभर में युवा पीढ़ी भगवान बुद्ध के बारे में अधिक जानें और उनके आदर्शों से प्रेरित हो।
मोदी ने अपने लिखित संदेश में भगवान बुद्ध के सिद्धांतों के लिए भारत की प्रतिबद्धताओं के बारे में बात की। साथ ही वैश्विक दक्षिण के हितों की वकालत में अपनी भूमिका के बारे में भी बताया। उन्होंने लिखा कि भारत भगवान बुद्ध की धरती है। उन्होंने बौद्ध सर्किट को विकसित करने, विरासत स्थलों से कनेक्टिविटी बढ़ाने, भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति केंद्र की स्थापना और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने में देश के प्रयासों को रेखांकित किया।