फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: 'अपराध साबित करने के लिए हमारे पास ऑडियो-वीडियो सबूत', सीटी रवि मामले में सीएम सिद्धारमैया का दावा

Sun, 22 Dec 2024 02:38 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कई एमएलसी ने उन्हें (सीटी रवि) सुना। यह आपराधिक श्रेणी में आता है। उन्होंने भाजपा नेता की इस हरकत को अत्यधिक निंदनीय बताया।
विज्ञापन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में भाजपा एमएलसी सीटी रवि पर महिला और बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा एमएलसी ने 19 दिसंबर को विधान परिषद में मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, इसे साबित करने के लिए ऑडियो और वीडियो सबूत मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई एमएलसी ने इस घटना को देखा। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "हम मामले की जांच करा रहे हैं। यह एक आपराधिक मामला है। वह (रवि) न्यायिक जांच की मांग क्यों कर रहे हैं?" उन्होंने आगे कहा, "उनके (रवि) अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के ऑडियो और वीडियो सबूत हैं। कई एमएलसी ने उन्हें सुना। यह आपराधिक श्रेणी में आता है, है ना?" मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा नेता की इस हरकत को अत्यधिक निंदनीय बताया।

डिप्टी सीएम ने भी दी थी प्रतिक्रिया
इससे पहले शनिवार को कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने भाजपा पर मूल मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने कहा था कि सीटी रवि ने जो कहा, उससे उनकी पार्टी और नेताओं के संस्कार के बारे में पता चलता है। शिवकुमार ने आगे कहा कि भाजपा सीटी रवि का बचाव कर रही है।
विज्ञापन


क्या है मामला?
बता दें कि सीटी रवि को मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर द्वारा दायर अपमानजनक टिप्पणी मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, यह कहते हुए कि गिरफ्तारी नियमों के अनुसार नहीं की गई थी। रिहाई के बाद सीटी रवि ने भी अपना पक्ष रहा। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और उन्हें आतंकवादी की तरह गिरफ्तार किया गया। कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने उनके खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
विज्ञापन


संबंधित वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें