सरकार और आरबीआई के पास दो हजार के जाली नोटों की पहचान के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को संसद में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, आरबीआई ने दिसंबर 2016 तक बैंकों को लोगों में वितरण के लिए कुल 22.6 अरब नोट दिए हैं।
इनमें से 20.4 अरब नोट दस रुपये, बीस रुपये, पचास रुपये और सौ रुपये के हैं। 2.2 अरब नोट दो हजार रुपये के तथा पांच सौ रुपये के दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार या आरबीआई के पास बैंकिंग तंत्र में दो हजार रुपये के जाली नोट की पहचान होने की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
नोटों की छपाई के बारे में उन्होंने कहा कि आरबीआई समय समय पर नोटों की मांग की समीक्षा करता है तथा पूर्वानुमान लगाता है। इसी के आधार पर सरकार की सलाह लेकर छापेखानों को नोट छापने के आदेश दिए जाते हैं। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है।