ममता बनर्जी ने गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गैस 400 से 1100 रुपये पहुंच गई है और लोगों को 25 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। हमें यह भी नहीं पता कि दो दिन बाद गैस मिलेगी या नहीं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति शासन और लॉकडाउन पर भी बयान दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी ने चुनावी मंच से केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रसोई गैस पर कहा कि हमें नहीं पता दो दिन बाद गैस मिलेगी या नहीं। बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को फिर से पुराने दिनों में लौटना पड़ सकता है। ममता ने कहा कि अगर गैस समय पर नहीं मिलेगी तो लोगों को बैलगाड़ी के दौर में लौटना पड़ेगा। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
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ममता बनर्जी ने कहा कि पहले गैस सिलेंडर करीब 400 रुपये में मिलता था, लेकिन अब इसकी कीमत 1100 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बढ़ोतरी चुपचाप की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली कि गैस मिलने में 25 दिन की देरी हो रही है, जिसके बाद उन्होंने तुरंत बैठक बुलाई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महिलाओं को 25 दिन बाद गैस मिलेगी तो वे खाना कैसे बनाएंगी।
क्या गैस की कीमत और सप्लाई पर उठाए गए सवाल?
ममता ने कहा कि बढ़ती कीमतें आम लोगों पर भारी बोझ डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों में गैस को लेकर असमंजस और चिंता का माहौल है।
राष्ट्रपति शासन और लॉकडाउन को लेकर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति शासन की अटकलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति शासन भी लागू किया जाता है, तो वह अकेले ही मुकाबला करने के लिए काफी हैं। उन्होंने लॉकडाउन की चर्चाओं पर भी कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन उन्होंने कोविड के दौरान भी चुनाव कराए थे और अब भी कर सकती हैं।
विकास और उद्योग को लेकर क्या है योजना?
उन्होंने कहा कि बीरभूम, बांकुरा और पश्चिम बर्दवान आने वाले समय में बड़े औद्योगिक केंद्र बनेंगे। उन्होंने अपने पैतृक गांव बीरभूम का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनकी मातृभूमि है और यहां की मिट्टी अंतरराष्ट्रीय पहचान रखती है। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत पर भी जोर दिया।
ममता बनर्जी के इन बयानों से साफ है कि चुनाव में महंगाई और गैस का मुद्दा बड़ा बन सकता है। उन्होंने सीधे केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है और आम लोगों के मुद्दों को उठाया है। इससे चुनावी माहौल में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।