प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान जसपाल अटवाल के बारे में बात होने के सवाल पर कनाडा के पीएम ने कहा कि हमने इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में आगे कहा कि वह स्थिति स्वीकार करने लायक नहीं थी। जैसा कि मैंने कल कहा था कि उसे नहीं बुलाना चाहिए था। जिस सांसद ने उसे बुलाया मैं कनाडा में उससे बात करूंगा।
पीएम जस्टिन त्रूदो ने कहा कि मैं कनाडाई सरकार और पंजाब के मुख्यमंत्री के बीच के संबंधों को रिफ्रेश और नवीनीकृत करने के लिए तत्पर हूं। हम जानते हैं कि यह कई कनाडाई लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संबंध है। हम आगे बढ़ने के लिए निवेश को गहन करने के तरीके तलाशेंगे और उस रिश्ते को सुधारने के लिए कई जरूरी कदम उठाएंगे।
कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं कनाडा और अन्य जगहों में विभिन्न समुदायों में कई आयोजनों पर पारंपरिक कपड़े पहनने के लिए लंबे समय से जाना जाता हूं। मेरे परंपरागत कपड़े पहनने पर लोगों का रिएक्शन भारत-कनाडाई दोस्ती के बारे में बेहद उत्साहजनक है।
गौरतलब है कि भारत आने पर पीएम जस्टिस त्रूदो के सम्मान में कनाडा के उच्चायुक्त द्वारा दिए जाने वाले डिनर में खालिस्तनी आतंकी जसपाल अटवाल को निमंत्रण दिया गया और इससे पहले मुंबई में अटवाल का त्रूदो की पत्नी सोफी त्रूदो के साथ डिनर की तस्वीर ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्ते का जायका बिगाड़ दिया।
हालांकि इस मामले में भारत की ओर से आपत्ति जताने के बाद पीएम त्रूदो ने अटवाल को दिए गए निमंत्रण को भूल माना और कहा कि अब इस भूल को सुधार लिया गया है। वैसे भी त्रूदो और उनकी पार्टी द्वारा कनाडा में खालिस्तानी आतंकयों को समर्थन के कारण उनकी भारत यात्रा को तवज्जो न मिलने की चर्चा थी।
दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब वर्ष 1986 में वैंकूवर आइलैंड में कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिधू के हत्या के प्रयास के आरोपी आतंकी अटवाल की पीएम त्रूदो की पत्नी के साथ मुंबई में डिनर लेते फोटो वायरल हो गया। इसके तत्काल बाद यह जानकारी सामने आई कि पीएम त्रूदो के सम्मान में आयोजित डिनर में अटवाल को भी निमंत्रण दिया गया था।
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि 'अटवाल को वीजा कैसे मिला फिलहाल यह जांच का विषय है, हालांकि कनाडा ने उसको दिया आमंत्रण कैंसल कर दिया है। कनाडा के उच्चायोग से इस संबंध में जानकारी मांगी जाएगी।'