राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (
नीट)-2018 में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए अधिकतम उम्र 25 वर्ष ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के एक समूह की तरफ से नीट में अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने नीट-2018 के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (
सीबीएसई) द्वारा सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयुसीमा 25 वर्ष तय करने के निर्णय में दखल देने से इनकार कर दिया है।
पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट में आने को लेकर सवाल उठाया। पीठ ने वकील से कहा कि आपने संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया? पीठ के रुख को देखते हुए वकील ने याचिका वापस करने की गुहार करते हुए हाईकोर्ट जाने की अनुमति देने का आग्रह किया। इसके बाद पीठ ने याचिका को वापस लेने की इजाजत देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो हाईकोर्ट जा सकते हैं। याचिका में नीट-2018 को लेकर सीबीएसई की तरफ से जारी 9 फरवरी की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी।
सीबीएसई ने नीट-2018 में शामिल होने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 और अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष निर्धारित की है। यानी, सामान्य वर्ग के ऐसे छात्र जिनका जन्म 1 जनवरी 2002 से पहले हुआ हो, वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते। याचिका में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की गुहार की गई थी।