भारत से और रक्षा सौदे की उम्मीद में रूस ने न सिर्फ भारत की तारीफ की है, बल्कि कहा है कि भारत का बिजनेस पार्टनर ही नहीं, बल्कि ऐसा ‘सहयोगी’ है, जो ‘बुरे दौर’ में देश के साथ खड़ा रहा। इस महीने 12 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे से उत्साहित रूस का यह बयान आया है। इस सौदे में दूसरी परमाणु पनडुब्बी भी शामिल है।
रूस की नजर कई बिलियन डॉलर के पी75-आई प्रोजेक्ट पर है। इसके तहत एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्सन सिस्टम (एआईपी) युक्त छह परंपरागत पनडुब्बी बनाई जाएगी और इसके अलावा दोनों देश संयुक्त रूप से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार करेंगे। एआईपी वह प्रणाली होती है जिसके तहत पनडुब्बी के लंबे समय तक समुद्र के अंदर रहने की क्षमता होती है।
एक शीर्ष रूसी रक्षा अधिकारी ने दृढ़तापूर्वक कहा कि भारत और रूस मिलकर क्या कुछ कर सकते हैं इसकी कोई सीमा नहीं है। अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और यूरोप वह कभी नहीं दे सकते जो रूस ने दिया है और दे सकता है।