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West Bengal: शुभेंदु अधिकारी विशेष विधानसभा सत्र से एक दिन के लिए निलंबित, जानें स्पीकर ने क्यों की कार्रवाई

Tue, 02 Sep 2025 03:50 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

BJP Vs TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा में हंगामा करने पर स्पीकर बिमान बनर्जी ने भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया है। बता दें कि विधानसभा के इस विशेष सत्र बंगाली प्रवासियों के उत्पीड़न प्रस्ताव पर बहस के लिए बुलाया गया था।
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शुभेंदु अधिकारी, नेता विपक्ष और भाजपा विधायक - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने एक दिन के लिए निलंबित कर दिया। बता दें कि यह विशेष सत्र बंगाली भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने भाषण दिया। तभी शुभेंदु अधिकारी ने बीच में खड़े होकर विरोध जताया और आरोप लगाया कि मंत्री ने भारतीय सेना के खिलाफ 'अपमानजनक टिप्पणी' की है।
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नेता प्रतिपक्ष की नारेबाजी और निलंबन
शुभेंदु अधिकारी ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाया जाए। लेकिन अध्यक्ष ने यह मांग खारिज कर दी। अध्यक्ष ने कहा, 'आप लगातार भाषणों में बाधा डाल रहे हैं और अपनी सीट छोड़ रहे हैं। मुझे मजबूरन आपको दिनभर के लिए निलंबित करना पड़ रहा है।' इस फैसले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक मेज थपथपाकर खुशी जताने लगे।
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भाजपा विधायकों का वॉकआउट
इसके बाद भाजपा विधायकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान भाजपा विधायकों ने 'हमें नहीं चाहिए यह तुष्टिकरण वाली ममता सरकार' समेत कई नारे लगाते रहे।

शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु का बयान और विवाद
अपने भाषण में शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि सेना ने गांधी प्रतिमा (मायो रोड) के पास टीएमसी का एक धरना पंडाल हटाया था। उन्होंने इस घटना की तुलना 1952 के भाषा आंदोलन से की, जब पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में लोग अपनी मातृभाषा और पहचान की रक्षा के लिए शहीद हुए थे। उनकी इसी टिप्पणी को शुभेंदु अधिकारी ने सेना का अपमान बताया।
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शुभेंदु अधिकारी का सरकार पर पलटवार
सदन से बाहर आते ही शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से कहा, 'मुझे अनैतिक तरीके से सदन से बाहर कर दिया गया। मैंने सेना के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी का विरोध किया, इसलिए मुझे निलंबित किया गया। हम चाहते हैं कि वह टिप्पणी कार्यवाही से हटाई जाए।'
 
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