पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो नवनिर्वाचित विधायक लगातार दो दिनों से विधानसभा में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे हैं। दरअसल, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने उन्हें शपथ दिलाने के लिए राजभवन में आमंत्रित किया था, लेकिन राजभवन में जाकर शपथ लेने के बजाय दोनों विधायक विधानसभा में शपथ लेने को लेकर अड़ गए। अब इस मामले में पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मदद की गुहार लगाई।
धरने पर टीएमसी के दो विधायक
नवनिर्वाचित विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय और रयात हुसैन सरकार राज्यपाल से विधानसभा में आकर उन्हें शपथ दिलाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे बिना शपथ लिए विधायक के तौर पर काम नहीं कर सकते हैं। यह विवाद तब तेज हो गया, जब विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक चिट्ठी लिखकर इस गतिरोध को सुलझाने में मदद मांगी। दोनों विधायक राजभवन में जाकर शपथ लेने से इनकार करते हुए विधानसभा में ही धरने पर बैठ गए।
बिमान बनर्जी ने जगदीप धनखड़ से की बात
बिमान बनर्जी ने कहा, "बीती रात मैंने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को फोन किया और उनसे इस मामले को देखने का अनुरोध किया। मैंने उन्हें यह बताया कि इस मामले को लेकिर राष्ट्रपति मुर्मू को भी चिट्ठी लिखी गई है। दो नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ को लेकर जो भी हो रहा है, वह अस्वीकार्य नहीं है।" बता दें कि जगदीप धनखड़ 2019 से 2022 तक बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं।
बारानगर विधायक सयंतिका बंद्योपाध्याय और भागबंगोला विधायक रयात हुसैन सरकार न शुक्रवार को भी अपना धरना जारी रखा। राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाने के लिए राजभवन में आमंत्रित किया था। दोनों विधायकों ने राज्यपाल के आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया और दावा किया कि ऐसी परंपरा है कि राज्यपाल शपथ दिलाने के लिए स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को नियुक्त करते हैं।