वायनाड में वित्तीय संस्थानों ने 30 जुलाई को भूस्खलन से बचे लोगों को फोन कर उनसे कर्ज चुकाने के लिए कहा था। इस पर केरल सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। केरल सरकार ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों पर लोन वापसी का दबाव बनाना निंदनीय और अमानवीय है।
वायनाड भूस्खलन से प्रभावित लोगों से लोन वापस मांगने वाली निजी कंपनियों को केरल सरकार ने चेतावनी जारी की है। सरकार का कहना है कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों पर लोन वापसी का दबाव बनाना निंदनीय और अमानवीय है।
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वायनाड में वित्तीय संस्थानों ने 30 जुलाई को भूस्खलन से बचे लोगों को फोन कर उनसे कर्ज चुकाने के लिए कहा था। इस पर केरल सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। केरल सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री पीए मोहम्मद रियाज ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि प्राइवेट वित्तीय संस्थान भूस्खलन से प्रभावित और राहत शिविरों में रह रहे लोगों पर लोन वापस करने का दबाव बना रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन लोगों ने आपदा में अपनों को खो दिया है और दुख से जूझ रहे हैं।
मंत्री रियाज ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन से बात करके इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करेंगे। अगर संस्थान फिर भी नहीं मानते हैं तो राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि भूस्खलन में प्रभावित लोगों से लोन वापसी की मांग करना बेहद अमानवीय है।
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भूस्खलन में अब तक 226 लोगों की हो चुकी मौत
केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 226 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों चूरलमाला और मुंडक्कई में सेना का राहत व बचाव कार्य जारी है। भयावह आपदा के कारण यहां के लोग बड़े स्तर पर प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिजनों या जीवित बचे लोगों की मानसिक स्थिति का खासा ध्यान रख रही है। लोगों को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श दिया जा रहा है।