पहले जानिए वायनाड सीट के बारे में
वायनाड लोकसभा सीट केरल में पड़ती है। 2009 में ये सीट अस्तित्व में आई थी। 2008 में परीसीमन के बाद इसे लोकसभा सीट के रूप में घोषित किया गया। यहां पर पहली बार 2009 में चुनाव हुए। पहले चुनाव में ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई ) कैंडिडेट एडवोकेट एम. रहमतुल्ला को कांग्रेस उम्मीदवार एमआई शनावास ने लगभग 1,53,439 वोटों से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने ही बाजी मारी। कांग्रेस उम्मीदवार शनावास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सीपीआई उम्मीदवार पीआर सत्यन मुकरी को 20,870 वोटों से मात दी थी। वायनाड सीट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक तीनों प्रांतों को जोड़ने वाला क्षेत्र हैं और तीनों ही प्रांत कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्रों में आते हैं।
वायनाड छोड़कर यहां होंगे उपचुनाव
चुनाव आयोग के मुताबिक, पंजाब की जालंधर लोकसभा सीट पर 10 मई को चुनाव होगा और 13 मई को नतीजे आएंगे। ओडिशा की झारसुगुड़ा विधानसभा सीट, उत्तर प्रदेश की छानबे और स्वार विधानसभा सीट और मेघालय की सोहियोंग विधानसभा सीट पर भी इन्हीं तारीखों पर चुनाव होगा।
क्यों अभी उपचुनाव का एलान नहीं हुआ?
वायनाड सीट पर उपचुनाव का एलान न करने पर चुनाव आयोग का बयान आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, 'एक सीट खाली होने पर उपचुनाव कराने के लिए हमारे पास छह महीने का समय होता है। ट्रायल कोर्ट ने न्यायिक उपाय के लिए राहुल गांधी को 30 दिन का समय दिया है। इसलिए, हम इंतजार करेंगे।'