सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष कुशविंदर वोहरा ने कहा कि एजेंसी द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चला है कि सकल भंडारण का औसत नुकसान प्रति वर्ष लगभग 0.45 प्रतिशत है। जीवित और मृत भंडारण का क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.95 प्रतिशत प्रति वर्ष है।
केंद्रीय जल आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि देश में जलाशयों और नदियों में तलछट के स्थायी प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता है। 258 बीसीएम लाइव स्टोरेज में से अनुमानित 34 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पहले ही खत्म हो चुका है।
विज्ञापन
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष कुशविंदर वोहरा ने कहा कि एजेंसी द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चला है कि सकल भंडारण का औसत नुकसान प्रति वर्ष लगभग 0.45 प्रतिशत है। जीवित और मृत भंडारण का क्रमशः 0.3 प्रतिशत और 0.95 प्रतिशत प्रति वर्ष है।
उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए नदी घाटियों और जलाशयों में अवसादों के एकीकृत प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला में भारी आर्थिक नुकसान होता है। अनुमान के मुताबिक, भारत में बनाए गए 258 बीसीएम लाइव स्टोरेज में से, पहले ही लगभग 34 बीसीएम पानी खत्म कर चुके हैं, जो 2050 तक 50 बीसीएम पहुंच जाएगा। इसी प्रकार, जलाशयों और नदियों में तलछट के स्थायी प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता है।