पूर्वोत्तर में मानूसनी बारिश अब थमने लगी है। बाढ़ प्रभावित असम में भी हालात सुधर रहे हैं। नदियों के जलस्तर में कमी आई है। इसके अलावा राज्य के छह जिलों के करीब 2.6 लाख लोग अभी भी बाढ़ से पीड़ित हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी बारिश ने कहर बरपाया है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 19 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सात लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी घट रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों में कोई बारिश नहीं हुई है। अगर आज बारिश नहीं हुई तो हमें उम्मीद है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में स्थिति में काफी सुधार होगा।
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एएसडीएमए ने रविवार को कहा था कि कामरूप जिले में तीन और लोगों की जान चली गई तथा छह जिलों में लगभग 2.6 लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। इसके बाद राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
अफसरों ने कहा कि श्रीभूमि सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 1.62 लाख से अधिक लोग बाढ़ से पीड़ित हैं। इसके बाद हैलाकांडी में लगभग 52,000 और कछार में 36,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं। प्रशासन चार जिलों में 130 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है। साथ ही 24,908 विस्थापित लोगों की मदद की जा रही है। अफसरों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में बाढ़ पीड़ितों के बीच 262.2 क्विंटल चावल, 46.02 क्विंटल दाल, 21.2 क्विंटल नमक और 2,122.53 लीटर सरसों का तेल वितरित किया है।
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741 गांवों में भरा पानी
एएसडीएमए ने कहा कि मौजूदा समय में 741 गांव जलमग्न हैं और असम में 6,311.16 हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई है। कई जिलों में बाढ़ से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। फिलहाल कोई भी नदी खतरे के स्तर से ऊपर नहीं बह रही है। वहीं राज्य में 1,44,597 से अधिक पालतू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं।