लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शुक्रवार को पूर्वांचल की प्रमुख नदियां तबाही मचाने की ओर हैं। गंगा, वरुणा, गोमती उफान पर हैं। वाराणसी और चंदौली में गंगा के खतरे के निशान से ऊपर बहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की मुसीबतें बढ़ गई है। भदोही, मिर्जापुर, गाजीपुर और बलिया में गंगा बढ़ाव पर हैं।
मिर्जापुर में बाढ़ चौकी से गायब रहने पर डीएम ने एक चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। सोनभद्र में रिहंद बांध का जलस्तर अधिकतम 870 फुट को पार करते हुए 872 फुट तक जा पहुंचा। स्थिति नियंत्रित रखने के लिए बांध के13 में से पांच फाटक खोल दिए गए हैं।
वाराणसी में शुक्रवार शाम सात बजे तक गंगा का जलस्तर 71.62 मीटर रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान से 36 सेमी अधिक है। नदी में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी था। चंदौली में गंगा खतरे के निशान 71.26 मीटर को पार कर गई।
शाम को नदी खतरे की निशान से 26 सेमी ऊपर बह रही थी। मिर्जापुर में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। दिन में तीन बजे गंगा का जलस्तर 77.250 था जो खतरे के निशान 77.724 से कम है। गाजीपुर में गंगा में एक सेमी प्रति घंटे की दर से वृद्धि हो रही है।