हीरे के नगरी सूरत में एक वॉचमैन के बेटे ने 45 लाख के हीरे की थैली उसके मालिक को लौटा दी। वॉचमैन के बेटे की इमानदारी के देखते हुए सूरत डायमंड एसोसिएशन ने शनिवार को वॉचमैन फूलचंद और उसके बेटे विशाल को सम्मानित किया।
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दिनेश नवादिया ने कहा कि एसोसिएशन ने विशाल की ईमानदारी के इनाम के रूप में उसका एक साल का पढ़ाई का खर्च उठाने का भी फैसला किया है। इससे पहले रविवार को ब्रोकर मनसुख भाई सवालिया की हीरे की थैली उनके जेब से कही गिर गई थी।
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थैली में 45 लाख रुपये के हीरे थे। जहां हीरे की थैली गिरी उसके पास ही विशाल क्रिकेट खेल रहा था। थैली पर नजर पड़ते ही वह उसे उठाकर घर ले आया। उसने अपने पिता जो वॉचमैन का काम करते हैं, को हीरे की थैली दिखाई। स्वतंत्रता दिवस के कारण सोमवार और मंगलवार को हीरा बाजार बंद था।
बुधवार को बाजार खुलते ही फूलचंद ने हीरे की थैली एसोसिएशन को लौटा दी। इससे पहले मनसुखभाई ने हीरे की थैली को खोजने का हर संभव प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे। एसोसिएशन ने संबंधित व्यापारी का पता लगाकर उसे हीरा सौंप दिया।