भारत और अमेरिका नयी दिल्ली को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता जल्द-से-जल्द दिलाने के लिए एकसाथ मिलकर काम करने पर बृहस्पतिवार को सहमत हुए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण एवं अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के बीच पहली टू प्लस टू वार्ता के दौरान दोनों देशों ने इस दिशा में काम करने का संकल्प जताया।
एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान स्वराज ने कहा कि हाल में अमेरिका द्वारा सामरिक व्यापार प्राधिकरण-1 लाइसेंस छूट सूची में भारत को शामिल किया जाना भारत के मजबूत और जिम्मेदार निर्यात नियंत्रण नीति को दिखाता है।
उन्होंने कहा, “हमारी बैठक में आज हम भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता जल्द-से-जल्द दिलाने की दिशा में एकसाथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए।” वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है, “अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया समूह, वासेनेर संधि और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था में भारत के प्रवेश का स्वागत किया था और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत को शामिल किये जाने के लिए अपने पूर्ण समर्थन की बात को फिर से दोहराता है।”