भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद ने बुधवार को एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उनके पास ऐसी जानकारी है, जिससे पता चलता है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से कांग्रेस में शामिल होने से पहले एक बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने पर विचार किया था। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नेता किसी के प्रति वफादार नहीं हो सकता।
‘शुभेंदु अधिकारी’ जैसा व्यवहार कर सकते
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'ऐसा व्यक्ति किसी के प्रति वफादार नहीं रह सकते'
आईएएनएस से बात करते हुए इस मुद्दे पर आगे प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद ने कहा कि रेवंत रेड्डी अतीत में कई राजनीतिक दलों को बदल चुके हैं, इसलिए उनकी भविष्य की राजनीतिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा 'यह रेवंत का मॉडल है। मैं इसे असम मॉडल, पश्चिम बंगाल मॉडल या कोई और मॉडल नहीं कहूंगा। रेवंत बीआरएस में थे। वह टीडीपी में गए, फिर कांग्रेस में। मेरे पास कुछ जानकारी है... कांग्रेस में जाने से पहले वह भाजपा मेंं आने का विचार कर रहे थे। इसलिए, ऐसा व्यक्ति किसी के प्रति वफादार नहीं रह सकता। हम कुछ कह नहीं सकते। हो सकता है वे कोई और पार्टी अपना लें'।
पार्टी के स्वीकार करने पर क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा भविष्य में रेवंत रेड्डी के पार्टी में शामिल होने पर उन्हें स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा, 'यह पार्टी के उच्च कमान पर निर्भर करता है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। लेकिन आम तौर पर, भारतीय जनता पार्टी एक बहुत बड़ी पार्टी है। जब कुछ लोग आते हैं, तो वह स्वीकार कर लेते हैं। ज्यादातर मामलों में, वह स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन यह पार्टी के उच्च कमान का निर्णय होता है।
सांसद ने क्या आरोप लगाया?
अरविंद ने 26 मई को जगतियाल डिपो में कार्यरत तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (टीजीएसआरटीसी) के एक बस चालक, बी. अशोक को ड्यूटी से हटाए जाने को लेकर रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार की आलोचना भी की। यह कार्रवाई तब की गई जब चालक ने कथित तौर पर ईंधन की कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे स्थानीय कांग्रेस नेताओं को सलाह दी कि वह इसके बजाय संकटग्रस्त किसानों से धान और मक्का की खरीद पर ध्यान केंद्रित करें। भाजपा सांसद ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर आरटीसी चालक के खिलाफ अहंकार और मनमानी करने का आरोप लगाया।