दिल्ली में कोविड-19 का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। ऐसे में तत्काल उठाए गए एहतियात भरे कदमों से संक्रमण की नई लहर को रोकने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अब और ज्यादा सतर्क रहने और टीकाकरण अभियान को तेज करने की आवश्यकता है।
गुरुवार को राजधानी में कोरोना के 409 नए मामले सामने आए, जो नौ जनवरी के बाद दर्ज हुए मामलों में अब तक सबसे अधिक है। मौजूदा सात दिन की औसत सकारात्मकता दर 0.50% है, इससे पहले के सप्ताह में 0.37% की वृद्धि हुई है और उसके बाद के सप्ताह में 0.28% दर्ज की गई है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पल्मोनरी चिकित्सा विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. जीसी खिलनानी ने कहा, ‘इस बारे में कोई संदेह नहीं है कोरोना के ताजा दर्ज हुए मामले दिल्ली में संक्रमण की संख्या में एक और उछाल के लिए चेतावनी के संकेत हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में संक्रमण की तीन अलग-अलग लहरों का अनुभव किया गया है। पिछले साल नवंबर की पहली छमाही में दिवाली के आसपास यह अपने अंतिम चरम पर था। स्थिति बिल्कुल वैसी ही है जैसी दिवाली के दौरान थी, जब लोग बाहर होते थे और बिना लक्षण वाले संक्रमण के कारण बहुत अधिक विषमता फैल जाती थी।
पल्मोनोलॉजिस्ट ने कहा कि ऐसी चिंताएं भी हैं कि जो लोग पहले संक्रमित थे वह अब खतरे में पड़ सकते हैं क्योंकि माना जाता है कि कई महीनों के बाद शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता है।
उन्होंने कहा, ‘एक संक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षा के जीवनकाल के बारे में अभी भी सवाल हैं- क्या यह तीन महीने है? पांच? सात? कोई भी पक्का नहीं कह सकता। दूसरा, दिल्ली में नवीनतम सीरो सर्वे 56% हुआ है, जिसका अर्थ है कि कम से कम 70% आबादी की असल हर्ड इम्यूनिटी से सुरक्षा की जा रही जो अभी तक नहीं हुआ है।’
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शहर उत्परिवर्तित वेरिएंट से खतरे का सामना भी कर सकता है जो अधिक संक्रामक हो सकता है या पिछले प्रतिरक्षा को धोखा दे सकता है। डॉ. खिलनानी ने कहा, ‘कोविड-19 का समाधान शारीरिक दूरी बनाए रखना और अन्य कोविड-19 मानदंडों का पालन करने के साथ ही टीकाकरण अभियान में तेजी लाना है। वैक्सीन की कोई कमी नहीं है और यद्यपि टीकाकरण अभियान में तेजी आ रही है, यह भारतीय जनसंख्या के अनुरूप नहीं है।’
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) भी अब एक चिंता का क्षेत्र बनकर उभर रहे हैं।
नीती अयोग सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा, ‘हम महाराष्ट्र को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम एक ऐसे चरण में पहुंच रहे हैं, जहां उन सभी उपायों (लॉकडाउन) को वापस लाया जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में पॉजिटिविटी रेट में वृद्धि हुई है। सावधान रहें और सतर्क रहें। हमारे पास अब भी कमजोर आबादी का एक बड़ा हिस्सा है।’
राजस्व अधिकारियों ने कहा कि सभी जिला मजिस्ट्रेटों ने अपनी स्वास्थ्य टीमों को आक्रामक परीक्षण जारी रखने का निर्देश दिया है। एक दूसरे राजस्व अधिकारी ने जानकारी दी कि टीकाकरण केंद्रों में सुधार लाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बता दें, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 409 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 286 लोग संक्रमण से मुक्त हुए हैं तो तीन लोगों की इससे मौत हो गई है। पिछले दो दिनों से दिल्ली में 300 से ज्यादा केस सामने आ रहे थे लेकिन गुरुवार को यह आंकड़ा 400 के पार चला गया।
बीते एक दिन में 69810 टेस्ट हुए थे, इस हिसाब से अब दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या 6,42,439 हो गई है, वहीं कुल 6,29485 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या अब बढ़कर 10,934 हो गई है।