वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई है। सरकार ने इसे पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद पास कराया। इसे लेकर संजय निरुपम ने दावा किया कि शिवसेना यूबीटी के सांसद विधेयक के खिलाफ मतदान नहीं करना चाहते थे।
संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में शिवसेना यूबीटी सांसदों के मतदान करने को लेकर संजय निरुपम ने बड़ा दावा किया है। शिवसेना नेता कहा कि शिवसेना यूबीटी के सांसद लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान नहीं करना चाहते थे, लेकिन पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के फोन आने के बाद उन्होंने हार मान ली और विधेयक का विरोध किया। शिवसेना नेता ने उद्धव ठाकरे को मुस्लिम हृदय सम्राट करार दिया।
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संजय निरुपम ने कहा कि विवादास्पद विधेयक पर शिवसेना यूबीटी का रुख महाराष्ट्र के पूर्व सीएम, भाजपा के पूर्व सहयोगी के बौद्धिक दिवालियापन को दर्शाता है। निरुपम ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे ने लोकसभा में अपने सांसदों को पांच बार फोन करके वक्फ (संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान करने का निर्देश दिया। उन्हें पार्टी द्वारा जारी व्हिप के कारण विधेयक के खिलाफ मतदान करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि शिवसेना यूबीटी के दो सांसद अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण) और अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य) को छोड़कर पार्टी के सभी अन्य लोकसभा सदस्यों को फोन किया गया था। निरुपम ने कहा कि विधेयक का विरोध करने के लिए ठाकरे पर मुस्लिम संगठनों का भारी दबाव था। बालासाहेब ठाकरे को 'हिंदू हृदय सम्राट' के रूप में जाना जाता है, लेकिन उद्धव ठाकरे अब मुस्लिम हृदय सम्राट के रूप में जाने जाते हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई है। सरकार ने इसे पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद पास कराया। लोकसभा में 12 तो राज्यसभा में 13 घंटे तक विधेयक पर बहस हुई। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पक्ष में 128 सांसदों और 95 सांसदों ने विपक्ष में मतदान किया। इसके साथ ही उच्च सदन से मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024’ भी पारित किया गया। विधेयक अब हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास जाएगा और सरकार की ओर से अधिसूचित होते ही कानून का रूप ले लेगा।