Waqf Amendment Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे संविधान विरोधी बताया है। वहीं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस विधेयक को एक उम्मीद कहा है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान एनडीए और विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के गुटों के सदस्यों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली है। कांग्रेस और तमाम विपक्षी दलों के आरोपों पर भाजपा और एनडीए दलों की तरफ से जवाब दिया गया है।
कांग्रेस सांसद ने विधेयक को बताया संविधान विरोधी
इस दौरान कांग्रेस सांसद और इमरान मसूद ने कहा, 'डब्ल्यूएएमएसआई पोर्टल का बार-बार जिक्र हो रहा था...10 साल बहुत लंबा समय होता है। आप 10 साल में सभी संपत्तियों का पंजीकरण नहीं कर सके...आप 10 साल में यह काम नहीं कर सके लेकिन अब आप कहते हैं कि संपत्तियों का पंजीकरण 6 महीने के भीतर करना होगा और अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो वे संपत्तियां अब वक्फ की नहीं रहेंगी। पंजीकरण कौन करेगा? आपके अधिकारी। जब यह 10 साल में नहीं किया जा सका तो 6 महीने में कैसे किया जाएगा? यह एक संविधान विरोधी विधेयक है।'
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यह विधेयक नहीं बल्कि एक उम्मीद है- अनुराग ठाकुर
वहीं भाजपा की तरप से सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा - 'यह विधेयक नहीं बल्कि उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तिकरण, दक्षता और विकास) है। इस उम्मीद में सशक्तिकरण, दक्षता और विकास है। इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है। कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे कई संगठनों ने इसका समर्थन किया है। मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं।
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा- वक्फ में संशोधन का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। इसे खत्म करने और इसमें संशोधन करने का समय आ गया है। भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था 'खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही'।