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वक्फ संशोधन विधेयकः राज्यपाल ने कहा- समाज, राज्य और राष्ट्र की प्रगति के लिए सद्भाव और सकारात्मक सोच बनाए रखें

Fri, 09 May 2025 07:50 PM IST
Mayank Tripathi एन. अर्जुन, ईटानगर

सार

इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के धर्मगुरु, विद्वान, और समाज के विविध प्रतिनिधि एकत्रित हुए और हाल ही में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के महत्व पर चर्चा की। राज्यपाल ने कहा कि यह विधेयक व्यापक विचार-विमर्श, परामर्श और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के सभी वर्गों के लिए सार्थक सुधार लाना है।
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वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले राज्यपाल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वाईएसएम (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को कहा वक्फ संशोधन विधेयकः 2025 यह विधेयक व्यापक विचार-विमर्श, परामर्श और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के सभी वर्गों के लिए सार्थक सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ‘सबका प्रयास’ की समावेशी भावना से प्रेरित थी और इसमें राष्ट्रीय एकता की सच्ची भावना परिलक्षित होती है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को राजभवन, ईटानगर में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरूकता सम्मेलन में कही। इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के धर्मगुरु, विद्वान, और समाज के विविध प्रतिनिधि एकत्रित हुए और हाल ही में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के महत्व पर चर्चा की। राज्यपाल ने कहा कि यह विधेयक व्यापक विचार-विमर्श, परामर्श और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के सभी वर्गों के लिए सार्थक सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ‘सबका प्रयास’ की समावेशी भावना से प्रेरित थी और इसमें राष्ट्रीय एकता की सच्ची भावना परिलक्षित होती है।
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वक्फ संशोधन विधेयक एक प्रगतिशील पहल
राज्यपाल ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 2025 एक प्रगतिशील पहल है, जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय को ऐसे लोगों के उत्थान के लिए इस्तेमाल करना है, जिन्हें मदद की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह सुधार केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सशक्तिकरण और समानता का प्रतीक है। राज्यपाल ने मुस्लिम समुदाय से यह भावना रखने से बचने की अपील की कि वे अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने भारत के दिवंगत राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सहित कई मुस्लिम विभूतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि समुदाय ने भारत की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्यपाल ने प्रतिनिधियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सभी धर्मों के प्रति अत्यधिक सम्मान की भावना है। उन्होंने सभी लोगों से समाज, राज्य और राष्ट्र की प्रगति के लिए सौहार्द और सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील की।
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सुधारात्मक और समावेशी कदमः नाटुंग
राज्य के स्वदेशी मामलों एवं गृह मंत्री मामा नाटुंग ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को एक सुधारात्मक और समावेशी कदम बताया, जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस विधेयक के सकारात्मक प्रभाव को समझने और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग से प्रो. नानी बाथ और प्रो. नाबुम नाका हीना, तथा देरा नाटुंग गवर्नमेंट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमक्यू खान ने वक्फ का इतिहास, विधेयक में किए गए प्रमुख संशोधनों, और इसके दीर्घकालिक लाभों पर सूचनाप्रद प्रस्तुतियां दीं। सम्मेलन में स्वदेशी, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समुदायों के धर्मगुरु और नागरिक समाज के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेष आमंत्रित अतिथियों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम की एकता और समावेशिता की भावना को और मजबूत किया।
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