शुक्रवार को भारत समेत 150 देशों पर खतरनाक साइबर अटैक के बाद विश्व की नजर इसके नुकसान को लेकर ठहरी हुई थी, इसकी चपेट में 3 लाख से ज्यादा कम्प्यूटर थे। आशंका थी कि सोमवार को पहले कामकाजी दिन दफ्तर खुलने पर भारत के डिजिटल सिस्टम पर ज्यादा बड़ा हमला हो सकता था, जिसको लेकर साइबर सिक्योरिटी एजेंसीज ने यूजर्स के लिए अलर्ट जारी कर 'वानाक्राई' वायरस से सावधान रहने को कहा था।
सोमवार को बाजार खुलने के बाद कुछ राज्यों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर, अधिकतर संस्थानों और उद्योग रैनसमवेयर साइबरअटैक के प्रभाव से अछूते रहे। बैंक्स, सरकारी विभागों और कॉर्पोरेट संस्थानों पर भी इसका कोई असर नहीं रहा। कहा जा रहा था कि दुनियाभर में मालवेयर के जरिए साइबर वर्ल्ड को प्रभावित करने की योजना तैयार की गई थी।
भारतीय कम्प्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ने कहा कि उन्हें दिल्ली और तमिलनाडु जैसी जगहों पर सिर्फ 5 घटनाओं के बारे में पता चला। डायरेक्टर जनरल, सीईआरटी संजय बहल के मुताबिक ये कोई बड़ा मामला नहीं रहा। हम इस पर नजर रख रहे हैं, कुछ दिनों तक हम इसको लेकर अलर्ट जारी रहेगा।
वहीं आरबीआई ने सभी बैंकों को उनके एटीएम नेटवर्क को सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर से अपटेड करने के लिए कहा है। सोमवार को सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा थी कि रैमसमवेयर के अटैक की वजह से कई जगहों पर एटीएम काम नहीं कर रहे थे। वहीं इस तरह की चर्चा को अफवाह करार देते हुए बैंकर्स ने कहा कि ये इस वजह से हुआ था क्योंकि इन एटीएम मशीनों में कैश नहीं था।
यहां भी इस मालवेयर अटैक का असर नहीं हुआ
कॉर्पोरेट संस्थानों में उनके कर्मचारियों से डेटा का बैकअप तैयार करने और अननोन फाइल्स को खोलने से बचने के लिए कहा गया है। एक मीडिया ग्रुप के आईटी हेड का कहना है कि हमने विंडो यूजर्स से इस खतरे से बचने के लिए अपग्रेड सॉफ्टवेयर और फाइरवॉल अपडेट करना का अनुरोध किया है।
बीएसई के सीईओ और एमडी आशीष कुमार का कहना है कि ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर भी इस मालवेयर अटैक का असर नहीं हुआ। सभी काम साधारण तरीके से हो रहे हैं। जिन शहरों में छिटपुट साइबर अटैक की शिकायतें मिलीं उनमें अहमदाबाद, वडोदरा, चेन्नई और कलकत्ता शामिल हैं। गुजरात सरकार में सचिव धनंजय द्विवेदी का कहना है कि पूरे राज्य के भीतर 120 घटनाएं सामने आईं। इससे सरकारी कामकाज में किसी भी तरह का कोई नुकसान सामने नहीं हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक केरल में, वायनाड और पत्तनमथिट्टा जिले में पंचायत कार्यालयों में कंप्यूटर प्रभावित हुए थे। लोगों को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एमएस ऑफिस के की फाइल्स को एक्सेस करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेनॉल्ट और निसान ने साइबर अटैक से उत्पादन प्रभावित होने के बाद सोमवार को दोबारा उत्पादन शुरू किया। इस अटैक से 1200 वाहनों का उत्पादन प्रभावित हुआ। पश्चिम बंगाल के तीन स्थानों इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई प्रभावित हुई है।
अपने मकसद में फेल हुआ रैनसमवेयर
- फोटो : Demo
वानाक्राई एक ऐसा मालवेयर है जो कि माइक्रोसॉफ्ट विंडोज का इस्तेमाल करता है। इसे सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय एजेंसी के द्वारा विकसित किया गया था। ये डेटा को ब्लॉक करके उसके एक्ससेस को प्रभावित करता है।
जिसके बाद यूजर को एक मैसेज के जरिए कहा जाता है कि वो परेशान न हों उनका डेटा सुरक्षित रूप से रीस्टोर किया गया है। वानाक्राई डेटा को दोबारा यूजर की एक्सेस तक पहुंचाने के लिए 300 से 600 डॉलर तक की मांग करता है।
ऐतिहासिक तौर पर ये साइबर अटैक के सबसे बड़े हमले की कोशिश कहा जा रहा है। उम्मीद के मुताबिक रैनसमवेयर का ये हमला अनुमानित रकम नहीं जुटा पाया। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री को देखने पर पता लगता है कि 'वानाक्राई' को सिर्फ 232 पेमेंट ही हासिल हुए। जिसकी मदद से महज 60 हजार 512 डॉलर या उससे भी कम लगभग 39 लाख रुपये ही जुटाए जा सके।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सिक्योरिटी एजेंसियों के मुताबिक रैनसमवेयर अटैक के जरिए इनका मकसद पैसा पैदा करना नहीं था। कुछ लोग विश्व को जलते हुए देखना चाहते हैं।