मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले में सीबीआई जांच, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और चार्जशीट में की गई लीपापोती के खिलाफ कांग्रेस अलग से निजी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। कांग्रेस का दावा है कि व्यापम मामले में उसके पास पर्याप्त साक्ष्य और गवाह हैं। चार्जशीट करने वाली जांच एजेंसी के खिलाफ चार्जशीट करेंगे।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि अब सीबीआई का नाम कंप्रोमाइज ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन हो गया है। उन्होंने जांच एजेंसी के गद्दार होने की बात कह सीबीआई के वर्तमान दागी अधिकारियों की पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए। सिब्बल ने धमकी दी कि बड़े गौर से देख रहे हैं कौन क्या कर रहा है।
व्यापम घोटाले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को क्लीनचिट और चार मंत्रियों के नाम हटाने पर सिब्बल इस मामले के वकील और निर्दलीय सांसद केटीएस तुलसी के साथ मीडिया से रूबरू हुए। सिब्बल ने कहा दुर्भाग्यपूर्ण है कि जांच एजेंसी सीबीआई लगातार जानबूझकर कांग्रेस नेताओं को फंसाने और भाजपा नेताओं के मामलों में जांच नहीं कर रही है।
केटीएस तुलसी ने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से लेना देना नहीं है लेकिन इस मामले में पिंजरे में कैद काला तोता यानि सीबीआई की गर्दन भी पकड़ ली गई है। सीएम को बचाने के लिए धांधली और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
दोषी को सजा जरूर मिलेगी लेकिन समय लगेगा। जिन्होंने हार्डडिस्क से छेड़छाड़ की है उन्हें सजा भुगतनी पड़ेगी। उनका कहना है कि 47 साल की वकालत में पहला मामला है जिसमें 50 गवाहों की संदिग्ध मौत या हत्या हुई हो। जो भी बोलता है चला जाता है। दो गवाह बचे हैं हम इनकी लंबी आयु की कामना करते हैं।