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विकास की बाट जोह रहा धारावी इस बार दबाएगा ‘नोटा’ बटन

Sat, 13 Apr 2019 06:12 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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धारावी (प्रतीकात्मक)
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एशिया के सबसे बड़े झोपड़पट्टी क्षेत्र धारावी के लोगों ने तय किया है कि लोकसभा चुनाव में ‘नोटा’ का बटन दबाएंगे। दक्षिण-मध्य मुंबई में स्थित धारावी में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के एकनाथ गायकवाड़ और शिवसेना सांसद राहुल शेवाले के बीच है। मात्र 2.1 वर्ग किमी में फैली धारावी की आबादी करीब 7 लाख है। यहां बड़ी में संख्या उत्तर भारतीय हैं। 59 हजार छोटे-बड़े मकान-दुकान हैं और 12 हजार बड़ी-छोटी औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ और रणवीर सिंह-आलिया भट्ट स्टारर ‘गली ब्वायज’ में धारावी की जिंदगी की झलक बड़े पर्दे पर आ चुकी है।

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1995 से धारावी के पुनर्विकास का मुद्दा राजनीति के मैदान में फुटबॉल बना है। इससे नाराज लोग स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार वे या तो चुनावों का बहिष्कार करेंगे या वोट डालने गए तो नोटा का बटन दबाएंगे। धारावी बचाओ आंदोलन के नेता राजू कोर्डे ने कहा, पहले कांग्रेस पुनर्विकास की बात करती रही और फिर शिवसेना ने यही किया। भाजपा धारावी की राजनीति में हाशिये पर रही है। धारावी विधानसभा सीट फिलहाल कांग्रेस के पास है।

चुनाव बीतते रहे, वादे नहीं हुए पूरे

धारावी में 80% घरों में बिजली और टॉयलेट की समस्या है। 2000 से ज्यादा लोगों पर एक टॉयलेट है। 2004 में राज्य सरकार ने धारावी के क्रमवार विकास के प्रोजेक्ट को 5 भागों में बांटा था। हर बार पुनर्विकास रुकता रहा और टेंडर खारिज होते रहे। 2016 में भाजपा-शिवसेना सरकार ने धारावी को 12 सब-क्लस्टर्स में बांटा। मगर फिर बात नहीं बढ़ी और चुनाव आ गए। 

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