राज्य और केंद्र सरकार की लगातार आलोचना कर चर्चा में आए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के मुखिया और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर को घेरने के लिए भाजपा ने बड़ी रणनीति बनाई है। पार्टी ने शर्त रखी है कि अगर राजभर खुद लोकसभा चुनाव लड़ें तभी एसबीएसपी के लिए घोसी सीट छोड़ी जा सकती है। दूसरी सहयोगी निषाद पार्टी को भी पार्टी एक सीट देगी। ये सीट कौन सी होगी इसका फैसला पार्टी अध्यक्ष अमित शाह वाराणसी में शुक्रवार रात होने वाली बैठक में तय करेंगे।
गौरतलब है कि राजभर लंबे समय से राज्य सरकार और भाजपा नेतृत्व पर ओबीसी आरक्षण में बंटवारे केलिए गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने का दबाव बना रहे थे। इसी बीच उन्होंने भाजपा नेतृत्व से हर हाल में अपनी पार्टी के लिए एक सीट देने की मांग की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नेतृत्व ने राजभर से कहा है कि अगर वह खुद चुनाव लड़ें तो उनके लिए घोसी सीट छोड़ी जा सकती है। जाहिर तौर पर अगर राजभर चुनाव लडने के लिए राजी हुए तो उन्हें बाद में मंत्री पद केसाथ विधायक पद से इस्तीफा देना होगा। राजभर ने पार्टी के प्रस्ताव पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।
दूसरी ओर निषाद पार्टी के मुखिया के सांसद पुत्र प्रवीण निषाद को पार्टी में शामिल कर चुकी भाजपा उन्हें गोरखपुर से उम्मीदवाद बनाएगी। जबकि निषाद पार्टी को एक सीट भी देगी। निषाद पार्टी अपने लिए दो सीट मांग रही है, जबकि भाजपा उसे एक से ज्यादा सीट देने के लिए तैयार नहीं है।
आज हो जाएगा बाकी बची सीटों पर फैसला
यूपी में पार्टी अब तक 70 सीटों प उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इसके अलावा दो सीटों मिर्जापुर और राबर्टगंज से अपना दल ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बाकी बची 8 सीटों में से अपने हिस्से की सीटों की घोषणा पार्टी शनिवार तक हर हाल में कर देगी। अगर राजभर चुनाव लडने के लिए राजी हुए और निषाद पार्टी एक सीट पर मानी तो पार्टी छह सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। गौरतलब है कि अब तक भदोही, देवरिया, घोसी, गोरखपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, संत कबीरनगर, अंबेडकर नगर सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा बाकी है।