विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने शनिवार को कहा है कि पाकिस्तान ने राजनयिकों के साथ बुरा बर्ताव कर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 'राजदूतों, उच्च आयुक्तों, राजनयिकों और दूतावास का दौरा करने वाले लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम तय किए गए हैं लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने इनका उल्लंघन किया और हमेशा की तरह भारत को जिम्मेदार ठहराया।'
उन्होंने आगे कहा 'पाकिस्तान को नियमों का पालन करना चाहिए भारत भी हमेशा से ऐसा ही करता आया है, ऐसा करना दोनों देशों की शांति के लिए जरूरी है।' उल्लेखनीय है कि दोनों देश अभी तक एक-दूसरे पर अपने-अपने राजनयिक के उत्पीड़न का आरोप लगाते रहे हैं।
बता दें कि वीके सिंह का यह बयान तब आया है जब राजनयिकों से व्यवहार को लेकर सभी मुद्दे भारत और पाकिस्तान ने मिलकर सुलझाने की घोषणा की है।
शुक्रवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने अपने-अपने यहां इस मुद्दे को आपसी वार्ता से सुलझाने की घोषणा की। हालांकि ये वार्ताएं कब शुरू होंगी, इसको लेकर दोनों ही देशों ने कोई टाइमलाइन जारी नहीं की है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, भारत और पाकिस्तान अपने राजनयिकों व डिप्लोमेट दर्जे वाले कार्यालयों में काम करने वालों को प्रताड़ित करने का मुद्दा वर्ष 1992 के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत सुलझाने को तैयार हो गए हैं। ठीक ऐसा ही बयान पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने भी अपने यहां जारी किया।
बता दें कि ये कोड ऑफ कंडक्ट दो देशों को एक-दूसरे के राजनयिकों की जासूसी कराने और उनके खिलाफ अभद्र भाषा या शारीरिक उत्पीड़न जैसे व्यवहार करने से भी रोकता है।