तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी वीके शशिकला को वापस लौटे मुश्किल से तीन दिन हुए हैं और राज्य के विभिन्न हिस्सों में अधिकारियों ने जेल जा चुकीं नेता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। एआईएडीएमके से निष्कासित नेता भ्रष्टाचार के एक मामले में बंगलूरू में चार साल जेल की सजा पूरी करने के बाद हाल ही में राज्य वापस लौटी हैं।
शशिकला की कांचीपुरम, तंजावुर, तिरुवरुर और चेंगलपेट जिलों में मौजूद संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। प्रशासन ने तंजावुर में 26,000 वर्ग फीट से अधिक, कांचीपुरम में 144 एकड़ और तिरुवरुर में लगभग 1,050 एकड़ जमीन जब्त की है। तिरुवरुर की जमीन शशिकला और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनी के पास थी। कंपनियों ने इन संपत्तियों को 1994 और 1996 के बीच खरीदा था।
जिला अधिकारियों ने आधिकारिक बयानों में कहा कि शशिकला की संपत्तियों को अदालत के आय से अधिक संपत्ति को लेकर दिए आदेश के अनुसार जब्त किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन द्वारा अभी इस कार्रवाई को अंजाम देने का विरोध भी हो रहा है क्योंकि इन मामलों में एआईएडीएमके की पूर्व नेता को चार साल पहले दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा राज्य विधानसभा चुनाव में केवल तीन महीने का समय बचा है।
मामले पर मुख्यमंत्री पलानीसामी ने कहा कि इस कदम में कुछ भी राजनीतिक नहीं है और सरकार केवल अदालत के आदेश का पालन कर रही है। उन्होंने कहा, 'ये कार्रवाई किसी भी तरह राजनीति से संबंधित नहीं हैं। अदालतों ने अपने फैसले दिए हैं और जिन्हें उसके आधार पर कार्रवाई करनी है, वे अपना काम कर रहे हैं। यह बिल्कुल भी राजनीतिक नहीं है।' इससे पहले सत्तारूढ़ एआईएडीएमके नेतृत्व ने कहा था कि शशिकला और उनके समर्थकों का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और उनके द्वारा पार्टी के झंडे का उपयोग करना अवैध है।