फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात चुनाव के मद्देनजर माहौल बनाने में जुटी विहिप 

Sat, 29 Apr 2017 01:32 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
विज्ञापन
Amit Shah - फोटो : File Photo
विज्ञापन
गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विश्व हिंदू परिषद अभी से सूबे का माहौल भगवामय बनाने में जुट गई है। जून माह के अंतिम सप्ताह में विश्व हिन्दू परिषद के नेता अहमदाबाद से राम मंदिर, गौ रक्षा और सामान्य आचार संहिता सरीखे हिन्दूत्व के मुद्दों को नए सिरे से धार देंगे। 
विज्ञापन


पीएम मोदी के गृह प्रदेश गुजरात के अहमदाबाद में 23 से 25 जून तक चलने वाली विहिप की कार्यकारी मंडल की बैठक में राम मंदिर, गौ रक्षा और सामान्य अचार संहिता सरीखे मुद्दे को नए सिरे से धार दिया जाएगा। इससे पहले साधू संत इन मुद्दों पर अपनी राय देश के सामने रखेंगे। विहिप सूत्रों के अनुसार 31 मई से 2 जून तक हरिद्वार में साधू संतो के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक होनी है। इस बैठक में साधू संत राम मंदिर निर्माण, गौ रक्षा और सामान्य आचार संहिता के मुद्दे पर बनी रोडमैप पर अपनी मुहर लगाएंगे। रोडमैप पर संतो की मुहर के बाद ही विहिप इन मुद्दों को अहमदाबाद में नए सिरे से धार देगा। 

विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला को बताया कि विहिप की अहमदाबाद बैठक में संतो के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में तय मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि चुकी अभी राम मंदिर चर्चा के केंद्र में है। इसलिए साधू संत इस मुद्दे पर आगे का मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। जैन के अनसुार विहिप ने कभी भी अपने से राम मंदिर मुद्दे को नहीं उठाया है बल्कि संतो के आग्रह का पालन किया है। आगे भी यही परंपरा रहेगी। तो अहमदाबाद में होने वाली विहिप की राष्ट्रीय बैठक के मामले में जैन का कहना है कि संगठन की यह सामान्य बैठक है। इसमें देशभर में संगठन के विस्तार पर चर्चा होती है। लेकिन संत समाज के मार्गदर्शन मंडल के जरिए उठाए मुद्दे भी इस बैठक की चर्चा में आएंगे।
विज्ञापन


हालांकि सूत्रों की मानें तो जून के अंतिम सप्ताह में अहमदाबाद में होने वाली विहिप की बैठक गुजरात चुनाव के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक के जरिए विहिप नए सिरे से हिन्दूवादी मुद्दों को धार देगा। ताकि वर्ष के अंत में होने वाले प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को लाभ मिल सके। यह बैठक इसलिए भी अहम है कि विहिप प्रमुख प्रवीण तोगडिय़ा और पीएम मोदी के बीच छत्तीस का आंकडा बताया जाता है। तोगडिय़ा पर अक्सर मोदी के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगते रहे हैं। मगर देश की बदली सियासी फिंजा में अब तोगडिय़ा भी मोदी की राह आसान बनाने में जुटे हैं। 

मोदी के केंद्र में आने से प्रदेश में भाजपा के लिए चुनाव चुनौती वालने माने जा रहे हैं। वैसे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अभी से चुनाव की कमान अपने हाथों में ले ली है। बावजूद उसके संघ के सभी संगठन भी मोदी के नेतृत्व के बिना प्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोडऩा चाह रहे हैं। यही वजह है कि अलग राह चलने वाले तोगडिय़ा भी अब मोदी जिताओ की मुहिम में लग गए हैं।
विज्ञापन




 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें