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विश्व भारती विश्वविद्यालय ने मांगी सीआरपीएफ की सुरक्षा, बीएचयू व आईआईटी को नहीं मिली थी यह सुविधा

Fri, 08 Nov 2019 03:30 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Visva Bharati University campus - फोटो : Social Media
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विश्व भारती विश्वविद्यालय ने कैंपस की सुरक्षा सीआरपीएफ से करवाने की मांग रखी है। हालांकि कैंपस की सुरक्षा का जिम्मा सामान्य सुरक्षा गार्ड की बजाय अर्द्ध सैनिक बलों के हवाले करने का मामला यह पहला नहीं है। इससे पहले बीएचयू और कई आईआईटी ने भी सीआरपीएफ को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए पत्र लिखा था। हालांकि खर्चा अत्यधिक होने के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

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सूत्रों के मुताबिक बीएचयू ने सबसे पहले कैंपस सुरक्षा सीआरपीएफ के हवाले करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कैंपस की सुरक्षा का हवाला दिया था। हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस मामले पर विश्वविद्यालय को कोई जवाब नहीं दिया था जबकि सीआरपीएफ ने खर्चा देने की बात कही थी। ऐसे ही कई आईआईटी प्रबंधन ने भी ऐसी मांग रखी, लेकिन किसी भी कैंपस में अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती नहीं हो सकी।
 
सूत्रों के मुताबिक अभी तक कैंपस में सामान्य सुरक्षा गार्ड की तैनाती होती है। इसमें दस से 15 हजार में एक गार्ड उपलब्ध हो जाता है। हालांकि एक अर्द्ध सैनिक बल के जवान का खर्चा इससे तीन गुना अधिक बैठता है। अर्द्ध सैनिक बलों के तैनात होने पर रहने-खाने का इंतजाम भी कैंपस में ही करना पड़ता है। यह सारा खर्चा विश्वविद्यालय को अपने बजट से करना पड़ता है। ऐसे में साल का अतिरिक्त लाखों रुपये का बजट सुरक्षा पर खर्च हो जाता जबकि कैंपस की सुरक्षा पर कोई अधिक खर्च नहीं कर पाता है।
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दूसरा सबसे बड़ा कारण आए दिन कैंपस में प्रबंधन का छात्रों या शिक्षकों में छोटे-छोटे मुद्दों पर टकराव होता रहता है। अर्द्ध सैनिक बल तैनात होने से माहौल और अधिक खराब होने की भी आशंका बनी रहती है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए कभी किसी कैंपस में अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती नहीं की जा सकी। सूत्रों के मुताबिक विश्व भारती ने अर्द्ध सैनिक बलों से सुरक्षा करवाने की मांग तो रखी है, लेकिन यहां भी संभावना बेहद कम है क्योंकि विश्वविद्यालय को अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा पर खर्च करना पड़ेगा।

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