यूपी विधानसभा के चुनावी रण के बीच एक बार फिर राम मंदिर मुद्दे की गूंज सुनाई देने लगी है। इलाहाबाद में माघ मेला में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में सोमवार को अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुखों की बैठक हुई। इसका मुख्य एजेंडा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण रहा। बैठक के उद्घाटन सत्र में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि अब समय आ गया है कि देश के 600 जिलों में संपर्क प्रमुखों की टोली बनाई जाए, ताकि ये टोली श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करे।
बैठक में बताया गया कि देश भर के 600 जिलों में संपर्क प्रमुख की टोली में सिर्फ संत ही रहेंगे। इस मौके पर विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने कहा कि संत समाज ही समाज को प्रेरणा देता है और हिंदू समाज की रक्षा संतों के मार्गदर्शन से होती है। समय-समय पर हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए संतों ने समाज को प्रेरित एवं आंदोलित किया है।
गौ, गंगा, समरसता के लिए संतों ने भी आंदोलन किया है। उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि पर निर्णय माननीय न्यायालय को करना है। कानून, निर्णय दोनों के साथ संतों एवं हिंदू समाज की सजगता ही हिंदू संस्कृति है। विहिप धार्मिक संगठन है और हिंदू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा समाज के साथ वह खड़ा है और खड़ा रहेगा।