केंद्रीय चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी
चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को 1 फरवरी को आम बजट पेश करने की सशर्त मंजूरी दे दी है। चुनाव आयोग ने कहा है कि बजट में विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों से संबंधित योजनाओं की घोषणा नहीं की जाएगी। साथ ही वित्त मंत्री के भाषण में इन राज्यों में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र भी नहीं होना चाहिए।
आयोग ने सरकार को 2009 में जारी एडवाइजरी की भी याद दिलाई है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव से पहले पूर्ण बजट के बजाय लेखानुदान मांगें पेश की जानी चाहिए। चुनाव आयोग ने अपने निर्देश में कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा से कहा है कि निष्पक्ष चुनाव हों और सबको समान मौका मिले, इसके लिए जरूरी है कि चुनावी राज्यों से संबंधित ऐसी योजनाओं की घोषणाएं बजट में नहीं हों, जिससे मतदाता सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में प्रभावित होता हो। वित्त मंत्री के बजट भाषण में इन पांच राज्यों में सरकार की उपलब्धियों का किसी भी तरह से बखान नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, पंजाब और गोवा में 4 फरवरी से 8 मार्च के बीच चुनाव होने हैं।