महाराष्ट्र के बीड जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को विष्णु चाटे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसे सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार किया गया था। चाटे पर जबरन वसूली का मामला अवाड़ा कंपनी के कर्मचारी सुनील शिंदे ने दर्ज कराया था। इस मामले में दो अन्य आरोपी सुदर्शन घुले और वाल्मिक कराड भी हैं। दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। इन तीनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घुले सरपंच की हत्या के मामले में भी आरोपी है।
क्या था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के पीछे एक बड़ी जबरन वसूली का मामला है। बीड जिले में पवन चक्कियां स्थापित करने वाली एक ऊर्जा कंपनी से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की वसूली की जा रही थी। देशमुख ने इस जबरन वसूली का विरोध किया था, जिसके बाद नौ दिसंबर को उनका अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उनकी मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, कुछ दिन पहले, महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड ने पुणे में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया विष्णु चाटे
विष्णु चाटे को बीड के केज शहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनके वकील ने बताया कि चाटे की हिरासत अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, चाटे को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है औऱ यह अवधि अगले दो हफ्तों तक जारी रह सकती है। वकील ने यह भी कहा कि चाटे अब जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक कोई याचिका दायर नहीं की गई है। हमारी कानूनी टीम इस पर विचार करेगी और बाद में याचिका दायर करेगी।
संतोष देशमुख की हत्या के बाद से राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसको लेकर ने केवल बीड जिले में बल्कि महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। आरोपी वाल्मिकी कराड को लेकर महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे का करीबी सहयोगी माना जाता है। इसको लेकर विपक्षी दल और यहां तक कि सत्ताधारी महायुति के कुछ नेता भी कराड के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।