लोक संस्कृति एवं कला को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्रालय एक अनूठी पहल करने जा रहा है। अब वीआईपी ट्रेनें अपने राज्य की लोक कलाओं के रंग में रंगी नजर आएंगी। ट्रेन यदि बिहार की है तो उसे मधुबनी पेटिंग से और मध्य प्रदेश की है तो उसके बाहरी हिस्से पर गोंड चित्रकला नजर आएगी। पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) से इसकी शुरुआत होने जा रही है।
ईसीआर अपनी वीआईपी ट्रेन पटना-राजधानी के बाहरी हिस्से में मधुबनी पेटिंग को उकेर रहा है। इसी क्रम में अब उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) समेत अन्य जोनल रेलवे भी लोककलाओं को बढ़ावा देने एवं ट्रेनों की खूबसूरती बढ़ाने के उद्देश्य से अपनी प्रमुख ट्रेनों को नया रूप देने की तैयारी की है। प्रयोग के तौर पर पटना-राजधानी एक्सप्रेस से शुरुआत हो रही है। इसके बाद देश की अन्य वीआईपी ट्रेनों के बाहरी हिस्से पर स्थानीय लोककलाओं के रंग दिखेंगे।
दरअसल, पिछले साल से रेलवे स्टेशनों को सजाने की मुहिम रेलवे ने शुरू की है। इसकी शुरुआत एनसीआर केअलीगढ़ स्टेशन से हुई। यहां स्थानीय कलाकारों ने दीवारों पर पेंटिंग के जरिए स्टेशन की तस्वीर ही बदल दी। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी तारीफ की थी। इसके बाद देश के तमाम स्टेशनों को सजाने की कवायद की गई। ट्रेनों में लोककलाओं को बढ़ावा देने की मुहिम इसी क्रम में छेड़ी गई है।
इस पर एनसीआर के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल ने कहा, ‘रेल मंत्रालय द्वारा संस्कृति मंत्रालय को साथ लेकर पारंपरिक लोक एवं जनजातीय चित्रों से स्टेशनों को संवारने का निर्देश जारी किया जा चुका है। इसी क्रम में अब पटना-राजधानी भी संजाई जा रही है। निश्चित ही इससे लोककलाओं को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही ट्रेनों की खूबसूरती भी बढ़ेगी।’