पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा में बृहस्पतिवार को दो गुटों के बीच हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। घायलों में छह पुलिसकर्मी भी हैं। इन दोनों गुटों के लोगों के भाजपा और तृणमूल कांग्रेस समर्थक होने की बात कही जा रही है। हिंसा को देखते हुए इलाके और आसपास के क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके बावजूद गुस्साएं लोगों ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की। इलाके में भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस ने हिंसा के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
पुलिस ने बताया कि दो गुटों के बीच हुई हिंसक भिड़ंत के दौरान जमकर गोलियां और देसी बम चले। मौके पर पहुंचे पुलिस वालों को उत्तेजित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की। हिंसा में रामबाबू साव (17) नामक एक पानीपुरी विक्रेता की मौके पर मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल संतोष साव ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। हिंसा के बाद इलाके में तमाम दुकानें, बाजार और दफ्तर बंद हो गए।
बीच रास्ते से लौटे पुलिस महानिदेशक
पुलिस महानिदेशक भाटपाड़ा थाने की नई इमारत के उद्घाटन के लिए जाने के लिए निकले थे उसके एक घंटा पहले ही इलाके में हिंसा शुरू हो गई। बम धमाकों के चलते महानिदेशक बीच रास्ते से ही कोलकाता लौट आए।
भाजपा और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप
भाजपा नेता मुकुल राय ने दावा किया कि पुलिस की गोली से ही दो लोगों की मौत हुई है। बैरकपुर के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस को उकसा कर अशांति फैला रही हैं। वहीं, गृह सचिव आलापन बनर्जी ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी पहले से ही इलाके में सक्रिय हैं और अब बाहरी तत्व भी उनके साथ मिलकर इलाके में अशांति फैला रहे हैं। हिंसा और आतंक की वजह से इलाके के लोग घर छोड़ कर भाग रहे हैं। सरकार भाटपाड़ा में कानून व व्यवस्था की स्थिति पर नजदीकी निगाह रख रही है।
बैरकपुर पुलिस कमिश्नर तन्मय राय चौधरी को हटाया गया
भाटपाड़ा की हिंसा को लेकर ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की। राज्य सरकार ने बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर तन्मय राय चौधरी को हटा दिया है और उनकी जगह मनोज कुमार वर्मा की नियुक्ति की है। वर्मा अभी तक दार्जिलिंग में आईजीपी थे।