गौरतलब है कि इस्रायली दूतावास के पास आज जहां बम धमाका हुआ, वह दिल्ली का अति सुरक्षित इलाका माना जाता है। यहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस हर वक्त तैनात रहती है। पुलिस की पैट्रोलिंग वैन भी लगातार गश्त करती रहती हैं और पूरा इलाका सीसीटीवी कैमरों की जद में रहता है। इसके बावजूद बम धमाका हो जाना दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठा रहा है। दरअसल, ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन में शामिल उपद्रवियों ने दिल्ली पुलिस की सुरक्षा की हर दीवार नेस्तनाबूद कर दी थी और लाल किले की प्राचीर पर अपने नापाक कदम रख दिए थे।
गौरतलब है कि आज विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट हो रही थी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वीवीआईपी मौजूद थे। इस कार्यक्रम के मद्देनजर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। आसपास से गुजरने वाले ट्रैफिक को भी रोक दिया गया था। इसके बावजूद महज दो किलोमीटर के दायरे में मौजूद लुटियंस जोन में बम विस्फोट होना इस कड़ी सुरक्षा पर सवाल उठाता है। बता दें कि यह बम धमाका डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर जिंदल हाउस के पास हुआ, जो इस्रायली दूतावास से महज 150 मीटर दूर है।
बता दें कि आज भारत और इस्रायल के कूटनीतिक रिश्तों की 29वीं सालगिरह है। दरअसल, दोनों देशों के बीच साल 1992 में आज ही के दिन कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत हुई थी। इस मौके पर इस्रायली दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। गौर करने वाली बात यह है कि इस्रायल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू के साथ पीएम मोदी की दोस्ती भी काफी चर्चा में रहती है। ऐसे में यह बम धमाका दोनों देशों के रिश्तों में कितनी दरार डालेगा, यह देखने वाली बात है।