मुंबई पुलिस ने एक शवयात्रा के दौरान हुई हिंसा के मामले में करीब 200 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से 33 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन पर पुलिस कर्मियों पर हमला करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने का आरोप है।
घटना की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि वह चेंबूर के ठक्कर बप्पा कॉलोनी निवासी था। उसकी बेटी सात महीनों से लापता थी। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने पुलिस में भी लिखवाई थी, लेकिन उसकी बेटी का कहीं कुछ भी पता नहीं चला। जिसके कारण मैं अवसाद में चला गया, उसी कारण मैं आत्महत्या करना जा रहा हूं। इसके साथ ही उसने पुलिस वालों से अनुरोध किया था कि वह मेरी बेटी का पता लगाए और अपहरणकर्ताओं को जल्द से जल्द पकड़ ले। इसके साथ ही उसने लिखा था कि वह खुद को मार रहा था क्योंकि वह अपनी बेटी को न ढूंढ पाने के कारण बहुत दुखी है।