टिबरेवाल ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नहीं है। यहां शासक का राज चल रहा है। दुख की बात ये है कि महिला मुख्यमंत्री का भी ये सोचना है कि दुष्कर्म की घटना कोई बड़ी बात नहीं है।
भाजपा नेता व वकील प्रियंका टिबरेवाल ने पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के बाद के हालात देश के सामने लाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से दो सदस्यीय कमेटी बनाने का आग्रह किया है। इसमें एक सदस्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का व एक कोर्ट की मर्जी से नियुक्त करने की मांग की गई है। बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग ने सदस्य नियुक्त करने से इनकार कर दिया है।
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टिबरेवाल ने कहा कि कोर्ट कल राज्य सरकार से पूछेगी कि वह सदस्य नियुक्त करने को तैयार है या नहीं, यदि वह नहीं माने तो अदालत कमेटी गठित कर देगी, ताकि सचाई सामने आ सके। टिबरेवाल ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था नहीं है। यहां शासक का राज चल रहा है। दुख की बात ये है कि महिला मुख्यमंत्री का भी ये सोचना है कि दुष्कर्म की घटना कोई बड़ी बात नहीं है।
भाजपा नेत्री ने कहा कि याचिका में मेरी प्रार्थना है कि जिन लोगों को उनके घरों से बेदखल किया गया, वे सभी अपने घरों को लौट जाएं। उन्हें उनके घरों, कार्यस्थलों में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। उनका पुनर्वास करना राज्य सरकार का कर्तव्य है।