कोरोना काल में कोल्हापुर जिले के करवीर तालुका के एक छोटे से सैनिक गिरगांव नामक गांव से सकारात्मक खबर सामने आई है। दरअसल, यहां के गांव वालों ने किसी प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना ही अपने दम पर एक स्कूल में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू किया है। पिछले दो हफ्तों में कारगिल युद्ध के एक जवान सहित लगभग छह लोगों की मौत के बाद ग्रामीण हरकत में आ गए और खुद के दम पर एकजुट होकर कोविड केयर सेंटर बनाने का काम शुरू कर दिया। कोविड केयर सेंटर का उद्घाटन शुक्रवार (14 मई) को किया गया।
कई पूर्व सैनिकों ने ऑक्सीजन सांद्रक स्थापित करने के लिए दान दिए रुपये
संभाजी ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष रूपेश पाटिल ने एक समाचार पत्र से कहा, ‘कोविड केयर सेंटर में फिलहाल ऑक्सीजन व आईसीयू बेड की सुविधा नहीं है। यहां कई पूर्व सैनिकों ने ऑक्सीजन सांद्रक स्थापित करने के लिए हजार रुपये का योगदान दिया है।लगभग चार हजार की आबादी वाले इस गांव में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और कई लोग सेना में सेवारत हैं, जिसके कारण इसे सैनिक गिरगांव कहा जाता है। पाटिल ने आगे कहा, ‘हमने कोविड केयर सेंटर शुरू करने के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा। राजर्षि छत्रपति शाहू आश्रमशाला के अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद यहां कुछ नवीनीकरण कार्य किए गए और यह सुविधा स्थापित कर ली गई।’
भारी बिल के डर से शहर के अस्पतालों में जाने से बचते हें ग्रामीण
पाटिल ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में गांव में करीब छह लोगों की मौत हो गई क्योंकि वे भारी बिल के डर से कोल्हापुर शहर के अस्पतालों में जाने से बचते थे। उन्होंने कहा, 'गांव में कोविड केयर सेंटर की काफी जरूरत थी। यह सुविधा गिरगांव के बाहर के लोगों के लिए भी उपलब्ध होगी। गांव के कोविड केयर सेंटर में मरीजों को दस दिनों का उपचार, आइसोलेशन की सुविधा और भोजन मुफ्त दिया जाएगा। साथ ही यहां रोजाना माइंड एंड लाफ्टर थेरेपी सेशन भी आयोजित किया जाएगा। मरीजों के लिए विजिटिंग डॉक्टरों के साथ ही फुलटाइम नर्सिंग की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी।’
इस तरह के कई कोविड केयर सेंटर किए जा रहे हैं स्थापित
जिला चिकित्सा अधिकारी योगेश सेल ने कहा कि गांव का यह कोविड केयर सेंटर बिना लक्षण वाले (असिम्प्टोमैटिक) कोरोना मरीजों और हल्के लक्षणों वाले मरीजों के लिए एक प्रकार से संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर की तरह होगा। सेल ने कहा, ‘स्थानीय स्वशासी निकायों द्वारा ऐसे कई केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार मिल सके।’ उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों और नर्सों से संबंधित तकनीकी और औषधीय सहायता प्रदान करेगा। हालांकि, शेष बातों का ध्यान स्थानीय स्वशासी निकायों द्वारा रखा जाना है। इसके अलावा प्रशासन ने तालुका स्तरों पर कोविड केयर सेंटर शुरू किए हैं, जहां सभी प्रकार के बिस्तर उपलब्ध कराए गए हैं।