विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश सचिव की आगामी 26-27 जनवरी को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां वह अपने समकक्ष उप मंत्री से मुलाकात करेंगे, जहां द्विपक्षीय हित के सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी दो दिन की यात्रा पर शनिवार को चीन जा रहे हैं। वहां वह कैलाश मानसरोवर समेत दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच पारस्परिक संबंधों के अगले कदमों पर चर्चा करेंगे।
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शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश सचिव की आगामी 26-27 जनवरी को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां वह अपने समकक्ष उप मंत्री से मुलाकात करेंगे, जहां द्विपक्षीय हित के सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। एक बार जब चर्चा और बातचीत हो जाएगी तो आपको पता चल जाएगा कि क्या चर्चा हुई और कौन से मुद्दे उठाए गए। वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या यात्रा के दौरान वीजा और दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
बीजिंग में 26 और 27 जनवरी को होगी बैठक
कैलाश मानसरोवर यात्रा के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि द्विपक्षीय हित के सभी मुद्दों पर यह भी शामिल है। भारत और चीन के बीच विदेश सचिव-उपमंत्री तंत्र की बैठक के लिए मिसरी चीन जा रहे हैं। यह बैठक बीजिंग में 26 और 27 जनवरी को होने वाली है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस द्विपक्षीय तंत्र की बहाली भारत-चीन संबंधों के लिए अगले कदमों पर चर्चा करने के लिए नेतृत्व स्तर पर हुए समझौते से उत्पन्न हुई है। इसमें राजनीतिक, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।
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पिछले महीने डोभाल गए थे चीन
पूर्वी लद्दाख में टकराव के बिंदुओं पर तनाव कम करने के लिए अक्तूबर में बनी सहमति के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार हो रहा है। पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी बीजिंग गए थे। वहां उनकी चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। डोभाल ने इस बात पर जोर दिया था कि सीमा मुद्दे पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बैठक की बहाली शीर्ष नेतृत्व स्तर पर बनी सहमति को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए इसका बहुत महत्व है।