कानपुर के चौबेपुर थाने के सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार शर्मा ने सर्वोच्च अदालत से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्हें विकास दुबे को पुलिस की छापेमारी के बारे में टिप देने के आरोप में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि अगर उन्हें सुरक्षा प्रदान न की गई तो उन्हें भी विकास दुबे की तरह फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। शर्मा ने इस केस को सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने की मांग भी की है।
कृष्ण कुमार शर्मा के अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे ने
अमर उजाला को बताया कि उनके मुअक्किल ने केवल अपने सीनियर अधिकारी विनय कुमार तिवारी के निर्देश का पालन करने का काम किया है जिसकी किसी भी अनुशासित सुरक्षा बल के जवान से अपेक्षा की जाती है। तिवारी ने उन्हें केवल यह बताया था कि किसी अपराधी के यहां छापा डाला जाना है। लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया था कि यह छापेमारी किसके यहां पर होने वाली है। ऐसे में उनके मुअक्किल को घटना के बारे में किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं थी। लिहाजा उन पर लगाया गया आरोप सरासर बेबुनियाद है।
वरिष्ठ वकील अशोक कुमार शर्मा और कृष्ण कुमार शर्मा के माध्यम से फाइल किए गए इस मामले में कृष्ण कुमार शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि सीबीआई या किसी भी केन्द्रीय जांच एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए। उन्हें आशंका है कि अगर इस मामले की जांच यूपी पुलिस के माध्यम से की जाती है तो यह जांच निष्पक्ष नहीं हो पाएगी।
जेल के अंदर ही हो पूछताछ
कृष्ण कुमार शर्मा को इस बात की भी आशंका है कि अगर उन्हें जेल से बाहर लाया जाता है तो उनका भी फर्जी एनकाउंटर किया जा सकता है। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि उनसे होने वाली किसी भी पूछताछ को जेल के अंदर ही पूरा किया जाये। इसके लिए उन्हें किसी भी तरह से बाहर न लाया जाए।
कानपुर के चौबेपुर थाने में तैनात कृष्ण कुमार शर्मा उन पांच पुलिस जवानों में शामिल हैं जिनके ऊपर बिकरू गांव के विकास दुबे के घर पर छापेमारी की जानकारी लीक करने का आरोप है। इसमें विनय तिवारी को सबसे प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है।
सभी आरोपियों को निलंबित कर जांच की जा रही है। विनय तिवारी और कृष्ण कुमार शर्मा को गिफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच एक उच्च स्तरीय कमेटी से करने की घोषणा भी हो चुकी है। तीन जुलाई को घटी इस घटना में यूपी पुलिस के आठ जवान वीरगति को प्राप्त हो गये थे।