शराब कारोबारी विजय माल्या को 27 अगस्त को एंटी मनी लॉड्रिंग विशेष अदालत में पेश होने का समन जारी किया गया है। अगर वह तय तिथि को हाजिर नहीं होता है तो भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत उसे भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसकी 125 अरब रुपये की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। उस पर विभिन्न बैंकों का 9000 करोड़ रुपये बकाया हैं।
बता दें कि 27 मई को जारी भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों को विदेश फरार हो चुके बैंक डिफॉल्टरों और बैंक के साथ धोखाधड़ी करने वालों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार दिया गया है। भारतीय अदालतों को धता बताते हुए विदेश में शरण लेने वालों को ऐसा करने से रोकने के लिए यह अध्यादेश लाया गया है।
मार्च, 2016 में देश से फरार होने वाला माल्या इस समय लंदन में रह रहा है और उसे वहां से वापस लाने के लिए लंदन की अदालत में मुकदमा चल रहा है। इसके अलावा जांच एजेंसियों की तरफ से विभिन्न मामलों में पेश होने के लिए उसे कई बार समन जारी किया जा चुका है।