भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के लाखों शेयर बेचकर बुधवार को 1008 करोड़ रुपये वसूले गए। धनशोधन रोधी कानून (पीएमएलए) कोर्ट की अनुमति के बाद डीआरटी ने यूबीएल कंपनी में माल्या की हिस्सेदारी वाले इन शेयरों को बेचा। बैंकों का कर्ज चुकाने के लिए ईडी ने इन शेयरों को जब्त किया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि माल्या के खिलाफ चल रही धनशोधन जांच प्रक्रिया के तहत एजेंसियों ने इन शेयरों को जब्त किया था। कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन शेयरों को ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के पास जमा कराया गया था। पीएमएलए अदालत ने भगोड़े कारोबारी पर बैंकों का भारी-भरकम बकाया देखते हुए इन शेयरों को बेचने की अनुमति दे दी।
इसके बाद डीआरटी ने यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड (यूबीएल) कंपनी में माल्या की हिस्सेदारी वाले 74 लाख 4 हजार 932 शेयरों को बेचकर 1008 करोड़ रुपये वसूले। बिक्री के दौरान बीएसई पर इन शेयरों का मूल्य करीब 1370 रुपये प्रति इकाई था। इससे पहले यूबीएल ने पीएमएलए कोर्ट में याचिका दाखिल कर डीआरटी को शेयर बेचने से रोकने की गुहार लगाई थी। इस पर विशेष जज एमएस आजमी ने अपील खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट के पास ऐसी किसी प्रस्तावित बिक्री को रोकने का अधिकार नहीं है। मार्च, 2016 में माल्या के देश छोड़कर भागने के बाद उसकी जब्त संपत्तियों की यह पहली बिक्री है।
कोर्ट की निगरानी में थे शेयर
माल्या की हिस्सेदारी वाले 74 लाख शेयरों को कोर्ट की ओर से नियुक्त ऋणशोधन अधिकारी के पास रखा गया है। इसे ईडी ने माल्या के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच के दौरान जब्त किया था और कर्ज वसूली न्यायाधिकरण के अधिकारी ने पिछले महीने इसे बेचने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ यूबीएचएल ने पिछले शुक्रवार को याचिका लगाई थी। माल्या से यह वसूली बैंकों से लिए गए 6,203 करोड़ के कर्ज की भरपाई के लिए की जा रही है, जिसकी कुल रकम ब्याज और जुर्माने के साथ 9,000 करोड़ रुपये है।